
Exploding Head Syndrome: रात का वक्त है, चारों तरफ गहरी खामोशी छाई है और आप नींद की आगोश में जाने ही वाले होते हैं कि अचानक दिमाग के अंदर किसी बड़े बम के फटने, तेज पटाखा छूटने या बिजली कड़कने जैसी जोरदार आवाज गूंज उठती है। आप हड़बड़ा कर उठ बैठते हैं, दिल तेजी से धड़कने लगता है और आस-पास देखते हैं कि आखिर यह धमाका कहां से हुआ। लेकिन कमरे में सब कुछ शांत होता है। अगर आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है, तो यकीन मानिए आप अकेले नहीं हैं। सोते वक्त ऐसा लगता है जैसे मेरे सिर के अंदर कोई जोरदार धमाका हो गया हो। मेडिकल साइंस की भाषा में इस अजीब स्थिति को एक्सप्लोडिंग हेड सिंड्रोम (Exploding Head Syndrome - EHS) कहा जाता है।
WebMD के मुताबिक, यह नाम भले ही डरावना लगे और सुनने में किसी हॉरर फिल्म जैसा लगे, लेकिन सच यह है कि इसमें किसी तरह का फिजिकल ब्लास्ट या दर्द नहीं होता। यह एक तरह का 'पैरासोम्निया' (Parasomnia) यानी नींद से जुड़ा विकार है। जब आप जागने की अवस्था से गहरी नींद में उतर रहे होते हैं (या नींद से उठ रहे होते हैं), तो हमारे दिमाग के न्यूरॉन्स और नर्व्स जो शरीर को शांत और सुलाने की प्रक्रिया में होते हैं, वे अचानक आपस में उलझ जाते हैं। दिमाग का जो हिस्सा आवाज को प्रोसेस करता है, वहां अचानक से न्यूरॉन्स की एक साथ बहुत तेज एक्टिविटी (Firing) हो जाती है। दिमाग इसे किसी बाहरी धमाके या तेज आवाज के रूप में समझ बैठता है, जबकि असलियत में यह सिर्फ नसों का एक भ्रम होता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट्स के मुताबिक, Exploding Head Syndrome के लक्षण और ट्रिगर्स निम्न हैं;
अगर यह समस्या कभी-कभार होती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, यह सिर्फ आपकी अत्यधिक थकान और तनाव का नतीजा है। हां, अगर यह अक्सर होने लगे और आपकी नींद की साइकिल पूरी तरह बर्बाद हो रही हो, तो डॉक्टर या स्लीप स्पेशलिस्ट से मिलकर काउंसलिंग या जरूरी सलाह जरूर लें। अपनी जीवनशैली को थोड़ा शांत और व्यवस्थित बनाकर इस अजीब समस्या से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।