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Oral Allergy: फल खाने के बाद कुछ लोगों के मुंह में खुजली क्यों होने लगती है, AAAAI जानें क्या होती है ओरल एलर्जी

Oral Allergy Cause: फल खाने के बाद कुछ लोगों को मुंह में खुजली क्यों होने लगती है? American Academy of Allergy Asthma & Immunology (अमेरिकन एकेडमी ऑफ एलर्जी अस्थमा एंड इम्यूनोलॉजी) और जानिए ओरल एलर्जी सिंड्रोम (OAS) के लक्षण, कारण और इससे बचने के उपाय।
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भारत

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Nidhi Yadav

•

Updated: 3 Nov 2026, 1:42 PM IST

A person feeling mouth itching due to oral allergy syndrome

होंठ या जीभ में खुजली और झनझनाहट ओरल एलर्जी सिंड्रोम (OAS) का संकेत हो सकती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Oral Allergy Symptoms: क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपने बड़े चाव से सेब का एक टुकड़ा काटा हो, या केला खाया हो, और अचानक से मुंह के अंदर, जीभ पर या गले में हल्की सी खुजली या चुभन महसूस होने लगे? अगर ऐसा अक्सर होता है, तो आप अकेले नहीं हैं। बहुत से लोग इसे आम बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या सोचते हैं कि शायद फल पर कोई केमिकल या डस्ट होगी। इसे मेडिकल भाषा में ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral Allergy Syndrome - OAS) या पॉलिश-फूड एलर्जी सिंड्रोम कहा जाता है। आइए समझते हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

क्या है यह ओरल एलर्जी सिंड्रोम और क्यों होती है यह दिक्कत?

American Academy of Allergy Asthma & Immunology (अमेरिकन एकेडमी ऑफ एलर्जी अस्थमा एंड इम्यूनोलॉजी) के अनुसार, यह हमारे शरीर की इम्यूनिटी और प्रकृति के बीच का एक दिलचस्प मेल है। जिन लोगों को अक्सर घास, पेड़ों के परागकणों यानी पोलन (Pollen) से एलर्जी होती है, उनका इम्यून सिस्टम उन्हें इन पौधों की प्रोटीन्स को लेकर बेहद संवेदनशील बना देता है। अब कई ताजे फलों, कच्ची सब्जियों और नट्स के अंदर पाए जाने वाले प्रोटीन का मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर (संरचना) इन पोलन (परागकणों) से काफी हद तक मिलता-जुलता होता है। जब आप ऐसा कोई फल खाते हैं, तो आपका शरीर उसे वही पुराना दुश्मन समझ लेता है जिससे उसे पोलन के जरिए एलर्जी थी। बस फिर क्या है, शरीर का रक्षा तंत्र एक्टिव हो जाता है और मुंह, होंठ, जीभ या गले में खुजली, हल्की सूजन या सनसनाहट जैसी प्रतिक्रिया होने लगती है। इसे क्रॉस-रिएक्टिविटी कहते हैं।

किन चीजों को खाने से सबसे ज्यादा होती है यह परेशानी?

स्टैनफोर्ड हेल्थ यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, यह दिक्कत हर किसी को हर फल से हो, ऐसा जरूरी नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपको किस तरह के पोलन से एलर्जी है। जैसे, अगर आपको बर्च (Birch) ट्री के पोलन से एलर्जी है, तो सेब, नाशपाती, आड़ू, चेरी, कीवी और कभी-कभी गाजर या अजवाइन खाते ही मुंह में खुजली हो सकती है। घास (Grass) के पोलन से दिक्कत है, तो खरबूजे, तरबूज, संतरा और टमाटर खाने पर यह परेशानी उभर सकती है। वहीं, अगर आपको रबर लेटेक्स से एलर्जी है, तो केला, एवोकाडो और कटहल खाने से भी ऐसा रिएक्शन देखने को मिल सकता है।

क्या यह खतरनाक हो सकता है? इससे बचाव के उपाय

घबराने की जरूरत बिल्कुल नहीं है, क्योंकि ओरल एलर्जी सिंड्रोम ज्यादातर मामलों में गंभीर या जानलेवा नहीं होता। यह रिएक्शन आमतौर पर मुंह और गले तक ही सीमित रहता है और फल खाना बंद करते ही या थोड़ी देर में अपने आप ठीक हो जाता है। बहुत ही दुर्लभ मामलों में अगर सांस लेने में दिक्कत या एनाफिलेक्सिस जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

कुछ प्रैक्टिकल तरीकों से आप बिना फल छोड़े इस परेशानी से बच सकते हैं;

  • फल को पकाकर या उबालकर खाएं।
  • छिलका उतार कर खाएं।
  • हल्का गर्म पानी।
  • अगर समस्या लगातार बनी हुई है, तो किसी अच्छे एलर्जी एक्सपर्ट या डॉक्टर से मिलकर अपनी क्रॉस-एलर्जी की सही पहचान जरूर करवाएं।

स्वास्थ्य के मामले में हमारा शरीर जो भी छोटे-छोटे संकेत देता है, उन्हें अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। सेब, केला या अन्य फल खाते ही मुंह में हल्की सी खुजली या झनझनाहट होना भले ही पहली नज़र में सामान्य लगे, लेकिन यह ओरल एलर्जी सिंड्रोम (OAS) की शुरुआत हो सकती है। सही समय पर इन संकेतों को पहचानना, एलर्जेन ट्रिगर्स को समझना और सही खान-पान अपनाना ही बचाव की सबसे बड़ी कुंजी है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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