Health News: कोरोना ने व्यक्ति के उसी पार्ट पर अटैक किया है, जो पहले से कमजोर हैं। फेफड़ों में संक्रमण की वजह से अधिकतर व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। वैसे तो फेफड़े की बीमारी एक आम समस्या है जिससे बहुत लोग परेशान रहते हैं।
Health News: दुनिया भर में कोरोना संक्रमण ने अपना प्रभाव दिखाया है। किसी देश में पहली लहर ने तो किसी देश में दूसरी लहर ने अपना कहर बरपाया है। कोरोना ने व्यक्ति के उसी पार्ट पर अटैक किया है, जो पहले से कमजोर हैं। फेफड़ों में संक्रमण की वजह से अधिकतर व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। वैसे तो फेफड़े की बीमारी एक आम समस्या है जिससे बहुत लोग परेशान रहते हैं। फिर चाहे वह क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) हो, अस्थमा हो या मेसोथेलियोमा डायग्नोसिस हो। फेफड़े की हर एक बीमारी पूरे स्वास्थ्य पर प्रभाव डालती हैं। कोरोना और ब्लैक फंगस व्यक्ति के लंग्स पर सीधा अटैक करती है। इसलिए लंग्स का मजबूत होना बेहद ही जरूरी हैं। फेफड़ों के कमजोर होने के पीछे व्यक्ति का खानपान जिम्मेदार होता है। खानपान में लापरवाही के चलते ही लंग्स और हार्ट डैमेज होने का कारण बन जाता है। आइए जानते हैं ऐसे ही फ़ूड के बारे में, जिनसे फेफड़े डैमेज होने का खतरा बना रहता है।
सफेद ब्रेड
ब्रेकफास्ट में सफेद ब्रेड जैसे सिंपल कार्बोहाइड्रेट के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि फेफड़ों को इन्हें मेटाबोलाइज करने में अधिक मेहनत लगती है। जिससे लंग्स पर अधिक असर पड़ता है। विशेषज्ञों ने इसके तीन से ज्यादा स्लाइस खाने से मना किया है।
आलू चिप्स
पूरे साल सब्जी के तौर पर काम में ली जाने वाली तरकारियों में से एक आलू है। लोग आलू के चिप्स को बड़े ही शौक से खाते हैं। लेकिन इसका अत्यधिक सेवन आपके लंग्स को खतरा पहुंचा सकता है। आलू के चिप्स में सैचुरेटेड फैट बहुत अधिक होता है। ट्रांस और संतृप्त वसा हार्ट को भी हानि पहुंचाती हैं।
चॉकलेट
कोकोआ की पोषकता से भरपूर डार्क चॉकलेट में फाइबर, आयरन, कॉपर, मैगनीज, पोटेशियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व होते हैं। लेकिन चॉकलेट में कैफीन भी होता है, जो दवा में हस्तक्षेप कर सकता है या फिर हार्ट बीट को बढ़ा सकता है। चॉकलेट में चीनी की अधिक मात्रा फेफड़ों की बीमारी आमंत्रित करती है। यदि चॉकलेट खानी है तो अच्छी किस्म की महँगी चॉकलेट ही खाएं।
प्रोसेस्ड मीट
मांस का सेवन करने वाले लोग होटल के मीट में थोड़ी सावधानी बरतें। जहां भी प्रोसेस्ड मीट मिलता हैं, वहां से दूरी बनाने की कोशिश करें। क्योंकि प्रोसेस्ड मीट को लंबे समय तक रखने के लिए नाइट्राइट नामक तत्व इस्तेमाल किया जाता है। जो आपके फेफड़ों में सूजन और तनाव पैदा कर सकता हैं। इस प्रोसेस्ड मीट में बेकन, हैम, डेली मांस, और सॉसेज आदि आते है। जो लोग मीट के शौक़ीन हैं, उनके लिए लीन मीट जैसे सैल्मन और चिकन एक बेहतर विकल्प है।
बीयर
सामान्य तौर पर, शराब फेफड़ों में सूजन को बढ़ा सकती है। बीयर में कार्बोनेटेड भी है जोकि सूजन का कारण बन सकता है। इसके कारण आपके फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है और सांस लेने में मुश्किल हो सकती है। इसलिए बीयर का सेवन ना ही करें तो बेहतर है।