स्वास्थ्य

Heart Blockage का पता कैसे चलता है? AHA ने बताईं 5 जरूरी जांचें

Heart Blockage का पता कैसे चलता है? AHA और Mayo Clinic के अनुसार जानिए ECG, Stress Test, CT Coronary Angiography समेत 5 जरूरी जांचें और कब करानी चाहिए।
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Jul 07, 2026
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इन 5 जांचों से चल सकता है हार्ट ब्लॉकेज का पता (photo- freepik)

Heart Blockage Tests: अगर सीढ़ियां चढ़ते समय सीने में दर्द होने लगे, थोड़ी-सी मेहनत में सांस फूलने लगे या चलते-चलते सीने में भारीपन महसूस हो, तो लोग अक्सर इसे गैस, थकान या बढ़ती उम्र का असर मान लेते हैं। लेकिन कुछ मामलों में ये लक्षण हार्ट ब्लॉकेज (Coronary Artery Disease) की ओर भी इशारा कर सकते हैं।

American Heart Association (AHA) और Mayo Clinic के अनुसार, केवल लक्षणों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी व्यक्ति को हार्ट ब्लॉकेज है या नहीं। इसकी पुष्टि के लिए डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार कुछ खास जांचें कराने की सलाह देते हैं।

हार्ट ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए ये 5 जांचें की जाती हैं

  1. ECG (Electrocardiogram)

अगर किसी व्यक्ति को सीने में दर्द, धड़कन तेज होना या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर सबसे पहले ECG कराने की सलाह दे सकते हैं। इस टेस्ट से दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी रिकॉर्ड की जाती है। इससे हार्ट अटैक के संकेत या दिल की धड़कन में गड़बड़ी का पता लगाने में मदद मिलती है।

  1. Echocardiogram (इकोकार्डियोग्राफी)

यह एक अल्ट्रासाउंड टेस्ट होता है, जिसमें डॉक्टर दिल की बनावट, वाल्व और पंपिंग क्षमता को देखते हैं। Mayo Clinic के अनुसार, इससे यह समझने में मदद मिलती है कि कहीं दिल के किसी हिस्से को पर्याप्त रक्त नहीं मिल रहा है या पहले कोई नुकसान तो नहीं हुआ।

  1. Stress Test (तनाव की जांच)

अगर आराम की स्थिति में ECG सामान्य आता है लेकिन चलने या मेहनत करने पर लक्षण महसूस होते हैं, तो डॉक्टर Stress Test करा सकते हैं। इसमें ट्रेडमिल पर चलने या दवा की मदद से दिल पर दबाव डालकर उसकी कार्यक्षमता देखी जाती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि मेहनत के दौरान हृदय तक पर्याप्त रक्त पहुंच रहा है या नहीं।

  1. CT Coronary Angiography (सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी)

यह एक आधुनिक इमेजिंग टेस्ट है, जिसमें CT स्कैन और विशेष डाई की मदद से हृदय की धमनियों की तस्वीरें ली जाती हैं। इससे डॉक्टर यह देख सकते हैं कि धमनियों में प्लाक जमा है या ब्लॉकेज की संभावना है।

  1. Coronary Angiography (कोरोनरी एंजियोग्राफी)

अगर अन्य जांचों में ब्लॉकेज की आशंका दिखती है, तो डॉक्टर कोरोनरी एंजियोग्राफी की सलाह दे सकते हैं। इसमें हाथ या पैर की रक्त वाहिका के जरिए एक पतली कैथेटर डालकर हृदय की धमनियों तक पहुंचा जाता है और कॉन्ट्रास्ट डाई के जरिए ब्लॉकेज की सटीक स्थिति देखी जाती है। इसे हार्ट ब्लॉकेज की पुष्टि करने वाली सबसे महत्वपूर्ण जांचों में माना जाता है।

किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

AHA के अनुसार, अगर आपको ये लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें-

  • सीने में दबाव, दर्द या भारीपन
  • दर्द का कंधे, हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना
  • थोड़ी मेहनत में सांस फूलना
  • ठंडा पसीना आना
  • अचानक मतली, चक्कर या अत्यधिक कमजोरी
  • महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में कई बार लक्षण अलग या हल्के हो सकते हैं।

रिसर्च क्या कहती है?

American Heart Association (AHA) का कहना है कि हार्ट अटैक और हार्ट ब्लॉकेज के लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से जान बचाई जा सकती है। वहीं Mayo Clinic के अनुसार, हार्ट ब्लॉकेज की पुष्टि केवल जांचों से ही की जा सकती है। इसलिए अगर लंबे समय से सीने में दर्द, सांस फूलना या अन्य संदिग्ध लक्षण बने हुए हैं, तो स्वयं अनुमान लगाने के बजाय कार्डियोलॉजिस्ट से मिलकर उचित जांच कराना सबसे सुरक्षित कदम है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
07 Jul 2026 04:12 pm
Published on:
07 Jul 2026 04:12 pm