
Heart Disease Symptoms: दुनियाभर में आजकल दिल से जुड़ी बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। पहले जहां इसे बुढ़ापे की बीमारी माना जाता था, वहीं आज के समय में युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमरीका की हेल्थ एजेंसी CDC के आंकड़ों के मुताबिक, पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा मौतें दिल की बीमारियों की वजह से ही होती हैं।
हर साल लगभग 17.9 मिलियन से ज्यादा लोग इसके कारण अपनी जान गंवा देते हैं। अच्छी बात यह है कि अगर हम समय रहते इसके खतरों को पहचान लें और अपनी जीवनशैली (Lifestyle) में थोड़े बदलाव करें, तो दिल के दौरे (Heart Attack) और स्ट्रोक (Stroke) जैसी गंभीर समस्याओं से आसानी से बच सकते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर को डॉक्टर साइलेंट किलर कहते हैं, क्योंकि इसके कोई साफ लक्षण नहीं दिखते लेकिन यह अंदर ही अंदर नसों को नुकसान पहुंचाता रहता है। जब खून का दबाव बहुत ज्यादा होता है, तो दिल को शरीर में खून पंप करने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। यही वजह है कि आगे चलकर दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में जंक फूड, ज्यादा तला-भुना, बहुत ज्यादा नमक और मीठी चीजें खाने की आदत बहुत आम हो गई है। ऐसा खाना खाने से खून की नसों में मोम जैसा 'कोलेस्ट्रोल' जमने लगता है। जब नसें धीरे-धीरे बंद (Block) होने लगती हैं, तो दिल तक सही मात्रा में ऑक्सीजन और खून नहीं पहुंच पाता, जिससे सीने में दर्द और अटैक की नौबत आ जाती है।
तंबाकू में मौजूद जहरीले केमिकल खून की नसों को सिकोड़ देते हैं और उन्हें अंदर से सख्त बना देते हैं। जो लोग सिगरेट, बीड़ी या गुटखा का सेवन करते हैं, उनमें दिल की बीमारी होने का खतरा आम इंसान से दोगुना ज्यादा होता है। यहां तक कि दूसरों के सिगरेट के धुएं में रहना (Passive Smoking) भी दिल के लिए उतना ही खतरनाक है।
अगर शरीर में शुगर का लेवल लगातार बढ़ा रहता है, तो समय के साथ यह दिल की नसों और तंत्रिकाओं (Nerves) को भारी नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा, शारीरिक गतिविधि न के बराबर होना और मोटापा (Obesity) भी दिल पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे दिल की बीमारियां शरीर में जल्दी घर बना लेती हैं।
मानसिक तनाव (Stress) का सीधा असर हमारे दिल की सेहत पर पड़ता है। जब आप बहुत ज्यादा चिंता या गुस्सा करते हैं, तो शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन्स (जैसे कोर्टिसोल) बढ़ते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन अचानक तेज हो जाती है। इसके साथ ही, रोजाना 7-8 घंटे की पूरी नींद न लेना भी दिल के लिए बहुत नुकसानदेह साबित होता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।