स्वास्थ्य

Heart Health: अभी उम्र नहीं हुई है, यह सोच कर दिल की चिंता करना मत छोड़िए- जानिए कार्डियोलॉजिस्ट की राय

Heart Health Myths In Hindi: आजकल कई लोग सोचते हैं कि सिगरेट छोड़कर वेपिंग करना सुरक्षित है, कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल है तो दिल पूरी तरह ठीक है, या कम उम्र में हार्ट की चिंता करने की जरूरत नहीं। लेकिन एक कार्डियोलॉजिस्ट ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बताया कि ये तीनों बातें दिल की सेहत को लेकर बड़ी गलतफहमियां हो सकती हैं।
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May 20, 2026
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हार्ट हेल्थ- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Heart Health Myths: दिल की बीमारी को लेकर लोगों के मन में कई ऐसी बातें बैठी हुई हैं, जो सुनने में सही लगती हैं लेकिन हकीकत कुछ है। सोशल मीडिया पर कार्डियोलॉजिस्ट जेरेमी, लंदन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर लोगों को दिल की सेहत से जुड़ी 3 बड़ी गलतफहमियों के बारे में बताया है।

डॉक्टर का कहना है कि सिर्फ ऊपर-ऊपर चीजें देखकर यह मान लेना कि दिल सुरक्षित है, आगे चलकर भारी पड़ सकता है। आइए समझते हैं ये 3 मिथ और उनके पीछे की सच्चाई।

Myth 1. मैंने सिगरेट छोड़ दी और अब वेपिंग करता हूं, इसलिए दिल और फेफड़े सुरक्षित हैं

Fact: बहुत से लोग मानते हैं कि सिगरेट छोड़कर वेपिंग शुरू करना हेल्दी ऑप्शन है। लेकिन, डॉक्टर के मुताबिक, सिर्फ धुआं बदलने से खतरा खत्म नहीं हो जाता। वेपिंग भी शरीर में निकोटीन पहुंचाती है, जो दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और ब्लड वेसल्स पर असर डाल सकती है। यानी आपने सिगरेट छोड़ी जरूर, लेकिन शरीर पर दबाव डालने का तरीका बस बदल गया। इसलिए इसे पूरी तरह सुरक्षित समझना गलत हो सकता है।

Myth 2. मेरा कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल है, मतलब मैं सेफ हूं

Fact: अगर आपकी रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल आया है, तो यह अच्छी बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपका दिल पूरी तरह सुरक्षित है। डॉक्टर कहते हैं कि हार्ट हेल्थ सिर्फ कोलेस्ट्रॉल से तय नहीं होती। हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ ब्लड शुगर, तनाव, नींद की कमी, स्मोकिंग, वजन और फैमिली हिस्ट्री भी बहुत मायने रखती है। कई बार रिपोर्ट नॉर्मल होती है, लेकिन व्यक्ति का रिस्क फिर भी ज्यादा हो सकता है। इसलिए सिर्फ एक रिपोर्ट देखकर निश्चिंत होना ठीक नहीं।

Myth 3. अभी मैं जवान हूं, हार्ट की चिंता बाद में करेंगे

Fact: कम उम्र में अक्सर लोग सोचते हैं कि हार्ट अटैक या दिल की बीमारी बुजुर्गों की समस्या है। लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि दिल की बीमारी कई बार सालों पहले शुरू हो जाती है और शुरुआती समय में कोई लक्षण भी नजर नहीं आते। आज की खराब लाइफस्टाइल, जंक फूड, तनाव, कम नींद और एक्सरसाइज की कमी धीरे-धीरे असर डालती है। आसान शब्दों में कहें तो आज की आदतें ही भविष्य के दिल की सेहत तय करती हैं। इसलिए जल्दी ध्यान देना ओवररिएक्शन नहीं, बल्कि समझदारी है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
25 May 2026 03:27 pm
Published on:
20 May 2026 05:23 pm