स्वास्थ्य

Heat Wave Alert: स्पेशल हीट स्ट्रोक ट्रीटमेंट कॉर्नर बनेंगे! लू से बचने के लिए सरकार ने जारी किए निर्देश, समझिए पूरी बात

Heat Wave Alert: बढ़ते तापमान को देखते हुए राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने लू को लेकर अलर्ट जारी किया है जिसके तहत अस्पतालों में हीट स्ट्रोक ट्रीटमेंट कॉर्नर बनाए जाएंगे। आइए जानते हैं कि लू से बचने के लिए क्या-क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं और सरकार ने क्या इंतजाम किए है।

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Apr 18, 2026
Heat Wave Alert
Heat Wave Alert (Image- gemini)

Heat Wave Alert: बढ़ते तापमान को देखते हुए राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने लू को लेकर अलर्ट जारी किया है जिसके तहत अस्पतालों में हीट स्ट्रोक ट्रीटमेंट कॉर्नर बनाए जाएंगे। आइए जानते हैं कि लू से बचने के लिए क्या-क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं और सरकार ने क्या इंतजाम किए हैं। निदेशालय ने हर जिले में डिस्ट्रिक्ट हीट वेव प्लान लागू कर दिया गया है। इससे लू की चपेट में आने वाले मरीजों को तुरंत और सही इलाज मिलेगा।

लू से बचने के लिए क्या है सरकार की तैयारी? (Heat Wave Alert)

सरकारी अस्पताल में हीट स्ट्रोक ट्रीटमेंट कॉर्नर बनाए गए हैं, जहां लू के मरीजों के लिए बेड रिजर्व रहेंगे। आने वाले मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों के लिए छाया, ठंडे पानी और कूलर की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। ओआरएस (ORS) के पैकेट और जरूरी ड्रिप्स का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है। लू के मरीजों के लिए ऐसी एम्बुलेंस तैयार की गई हैं जिनमें शरीर को तुरंत ठंडा करने वाली TACO तकनीक और आइस पैक्स की सुविधा होगी।

लू लगने पर तुरंत क्या करें? (Heat Wave Treatment)

  • मरीज को छाया में लाएं।
  • तापमान कम करें (Cooling)।
  • शरीर पर ठंडा पानी छिड़कें।
  • ओआरएस (ORS) या इलेक्ट्रोलाइट्स पिलाएं।
  • नारियल पानी और छाछ पिलाएं।

लू से बचने के लिए क्या उपाय अपनाएं? (Heat Wave Prevention)

  • प्यास न लगे तब भी पानी पीएं।
  • सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
  • सिर को ढक कर रखें।
  • दोपहर में काम हो तब ही घर से बाहर निकलें।

कैसी रखें अपनी दिनचर्या?

  • डाइट में तरबूज, खरबूजा, ककड़ी और खीरा शामिल करें।
  • छाछ, लस्सी या आम पन्ना का सेवन करें।
  • एक्सरसाइज सुबह ही करें।
  • बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर की धूप में न जाने दें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
18 Apr 2026 03:07 pm