
Cancer Prevention (Image- gemini)
Cancer Prevention: कैंसर का नाम सुनते ही डर लगना स्वाभाविक है, लेकिन मेडिकल साइंस कहता है कि 'Prevention is better than cure'। कई बार शुरुआती लक्षण इतने मामूली होते हैं कि हम उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपकी उम्र के हर दशक (Decade) में शरीर की जरूरतें बदल जाती हैं?
आइए, डॉक्टर वर्तिका विश्वानि (सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट) से जानते हैं कि उम्र से लेकर 60 के बाद तक आपको कौन-कौन से कैंसर डिटेक्शन टेस्ट करवाने चाहिए। इसे अपने करीबियों के साथ शेयर करना न भूलें, क्योंकि एक टेस्ट 10 साल पहले कैंसर के बारें में बता सकता है।
महिलाओं को सलाह दी जाती है कि 21 साल की उम्र के बाद अपना Pap Smear टेस्ट कराएं वहीं दूसरी तरफ पुरुषों को हर महीने खुद से ही गांठ की जांच करें इसमें मात्र 2 मिनट का समय लगता है। अगर परिवार में कोई शराब या धूम्रपान का सेवन करता है तो रेगुलर Oral Check-up जरूर करवाएं।
30 की उम्र पार करते ही स्क्रीनिंग का दायरा थोड़ा बढ़ा दें। अगर आपके परिवार में किसी को भी कैंसर रहा है, तो उन्हें जिस उम्र में कैंसर हुआ था, उससे 10 साल पहले ही अपनी स्क्रीनिंग शुरू करवा दें। इंतजार न करें। महिलाएं हर महीने खुद से ब्रेस्ट की जांच करना शुरू करें।
40 की उम्र के बाद हमारे शरीर में हार्मोनल बदलाव बहुत तेजी से होते हैं। महिलाओं को 40 की उम्र में अपना पहला मैमोग्राम जरूर करवाना चाहिए। अगर आपको अक्सर पेट की दिक्कत या H. Pylori इन्फेक्शन रहता है, तो गैस्ट्रिक चेक-अप के बारे में डॉक्टर से बात करें। अगर आप धूम्रपान करते हैं तो डॉक्टर की सलाह से लंग स्कैन जरूर करवाएं।
ज्यादातर लोग इसी उम्र में स्क्रीनिंग इग्नोर करते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। कोलोनोस्कोपी (Colonoscopy) कोलन कैंसर से बचाव के लिए यह टेस्ट बेहद जरूरी है। पुरुषों के लिए प्रोस्टेट कैंसर की जांच के लिए PSA टेस्ट करवाएं।अगर आप सालों से स्मोकिंग कर रहे हैं, तो हर साल Low-dose CT scan करवाएं।
बुढ़ापे में कैंसर का खतरा पहले से ज्यादा बढ़ जाता है इसलिए सभी पुराने टेस्ट जारी रखें और कुछ नए भी जोड़ें जैसे की अपनी त्वचा की खुद से जांच करें। महिलाओं में यदि अगर लगातार पेट फूलना (Bloating), पेल्विक पेन या जल्दी पेट भरने जैसा महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें। यह Ovarian Cancer का संकेत हो सकता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
18 Apr 2026 11:11 am
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