
HACE Symptoms: पहाड़ों की ठंडी हवा, खूबसूरत वादियां और ऊंचाई पर घूमने का मजा हर किसी को भाता है। लेकिन जब हम समुद्र तल से बहुत ज्यादा ऊंचाई (जैसे 8,000 फीट या 2,400 मीटर से ऊपर) पर जाते हैं, तो वहां की हवा में ऑक्सीजन का दबाव कम होने लगता है। ऐसे में कई बार हमारे शरीर को ढलने का मौका नहीं मिलता और सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। ऊंचाई पर होने वाली बीमारियों में सबसे खतरनाक स्थिति है High-Altitude Cerebral Edema (HACE)। यह अत्यधिक ऊंचाई पर जाने के कारण दिमाग में सूजन आने की समस्या है। अमेरिकन जर्नल ऑफ न्यूरोरेडियोलॉजी (AJNR) और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, HACE एक मेडिकल इमरजेंसी है। अगर सही समय पर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह सिरदर्द और उल्टी से शुरू होकर बेहोशी और जानलेवा स्थिति में बदल सकता है। आइए जानते हैं कि ये क्या होता है?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब हमारा शरीर ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से तालमेल नहीं बिठा पाता, तो दिमाग की नसों (Blood vessels) में से तरल पदार्थ (Fluid) रिसकर दिमाग के ऊतकों (Tissues) में इकट्ठा होने लगता है। इस तरल पदार्थ के जमा होने से दिमाग में सूजन आ जाती है और खोपड़ी के अंदर का दबाव बढ़ जाता है। HACE को अक्सर Acute Mountain Sickness (AMS) का ही सबसे गंभीर रूप माना जाता है। यह आमतौर पर उन लोगों को होता है जो बहुत तेज़ी से पहाड़ों पर चढ़ाई करते हैं और अपने शरीर को नई ऊंचाई के हिसाब से ढलने (Acclimatization) का समय नहीं देते।
HACE के लक्षण अचानक या ऊंचाई पर पहुंचने के 1 से 3 दिनों के भीतर दिखने शुरू हो सकते हैं। इन्हें पहचानना बेहद जरूरी है;
पहाड़ों पर यात्रा करते समय यदि किसी भी व्यक्ति में HACE के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत कदम उठाना जरूरी है;