स्वास्थ्य

Basophils: ब्लड टेस्ट में बेसोफिल्स बढ़े हुए हैं? जानें एलर्जी से लेकर किन समस्याओं का हो सकता है संकेत

High Basophils: ब्लड टेस्ट में बेसोफिल्स बढ़े हुए आने का क्या मतलब है? वेबएमडी और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानिए इसके मुख्य कारण, लक्षण और अगर आपकी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में बेसोफिल्स की संख्या अधिक आई है तो आपको आगे क्या करना चाहिए।
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Sep 03, 2026
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ब्लड टेस्ट में बेसोफिल्स बढ़े हुए आने का क्या मतलब है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Basophils Hindi: जब भी हम कोई सामान्य या हेल्थ चेकअप करवाते हैं, तो डॉक्टर हमें CBC यानी कंप्लीट ब्लड काउंट कराने की सलाह देते हैं। इस टेस्ट की रिपोर्ट में सफेद रक्त कोशिकाओं (WBCs) के कई हिस्से दिखाई देते हैं। इन्हीं में से एक छोटा लेकिन बेहद अहम हिस्सा होता है बेसोफिल्स (Basophils)। अगर आपकी ब्लड रिपोर्ट में बेसोफिल्स की मात्रा बढ़ी हुई आई है, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। डॉक्टरी भाषा में बेसोफिल्स के बढ़ने को बेसोफिलिया (Basophilia) कहते हैं। इसका सीधा मतलब यह होता है कि आपका इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी समस्या से निपटने के लिए सक्रिय हो गई है। आइए समझते हैं कि बेसोफिल्स क्या हैं और इनके बढ़ने के पीछे क्या-क्या कारण हो सकते हैं।

बेसोफिल्स क्या होते हैं और इनका काम क्या है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, बेसोफिल्स हमारी बोन मैरो (अस्थि मज्जा) में बनने वाली एक खास तरह की सफेद रक्त कोशिकाएं हैं। हमारे खून में पाई जाने वाली कुल सफेद कोशिकाओं में इनकी हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम होती है। भले ही ये गिनती में कम हों, लेकिन हमारे शरीर को सुरक्षा देने में इनकी भूमिका बहुत बड़ी होती है। जब भी शरीर में कोई बाहरी एलर्जी फैलाने वाला तत्व या इन्फेक्शन आता है, तो बेसोफिल्स तुरंत सक्रिय हो जाते हैं। ये कोशिकाएं शरीर में हिस्टामाइन (Histamine) और हेपरिन (Heparin) जैसे केमिकल रिलीज करती हैं। हिस्टामाइन एलर्जी के लक्षणों को उभारता है ताकि शरीर उस खतरे से लड़ सके, जबकि हेपरिन खून के थक्के (Blood Clots) जमने से रोकने में मदद करता है।

बेसोफिल्स बढ़ने के मुख्य कारण

वेबएमडी के अनुसार, रक्त में बेसोफिल्स का स्तर कई वजहों से ऊपर जा सकता है। इनमें से कुछ आम और मामूली कारण हैं, तो कुछ में डॉक्टर की गहन सलाह की जरूरत पड़ती है;

  • एलर्जी और रिएक्शन।
  • शरीर में लंबे समय से सूजन (Chronic Inflammation)।
  • संक्रमण या इन्फेक्शन।
  • थायरॉइड की समस्या (Hypothyroidism)।
  • बोन मैरो या ब्लड डिसऑर्डर।

बेसोफिल्स बढ़ने पर शरीर में क्या लक्षण दिखते हैं?

खुद बेसोफिल्स के बढ़ने का अपना कोई सीधा लक्षण नहीं होता। आप जिस समस्या की वजह से बेसोफिल्स बढ़े हैं, उसके हिसाब से शरीर में अलग-अलग लक्षण महसूस कर सकते हैं;

  • त्वचा पर खुजली, चकत्ते (Rashes) या पित्ती (Hives) उछलना।
  • नाक बहना, छींकें आना या सांस लेने में थोड़ी कठिनाई होना।
  • बिना वजह बहुत ज्यादा थकान या कमजोरी महसूस होना।
  • जोड़ों में दर्द, सूजन या पेट से जुड़ी समस्याएं होना।
  • रात में पसीना आना, लगातार हल्का बुखार रहना या वजन कम होना।

आपको आगे क्या करना चाहिए?

अगर आपकी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में बेसोफिल्स की संख्या अधिक आई है, तो रिपोर्ट देखकर खुद किसी नतीजे पर न पहुंचे और न ही घबराएं। सबसे पहले अपने डॉक्टर से मिलकर इस रिपोर्ट पर चर्चा करें। डॉक्टर आपकी सेहत की स्थिति और दूसरे लक्षणों को देखकर यह तय करेंगे कि क्या यह किसी सामान्य एलर्जी की वजह से है या इसके लिए किसी अन्य टेस्ट की आवश्यकता है। कई बार कुछ समय बाद दोबारा CBC टेस्ट कराने पर यह स्तर खुद-ब-खुद सामान्य आ जाता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

Published on:
03 Sept 2026 08:40 am