
High Blood Pressure: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हाई ब्लड प्रेशर (High BP) एक आम समस्या बनता जा रहा है। पहले इसे बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 30-40 साल के युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अनियमित दिनचर्या, बाहर का तला-भुना खाना, लगातार तनाव, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधि कम होना इसके मुख्य कारण हो सकते हैं।
इतना ही नहीं कई लोगों को लंबे समय तक यह पता ही नहीं चलता कि उनका ब्लड प्रेशर हाई है। यही वजह है कि इसे साइलेंट किलर भी कहते हैं। अगर समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए, तो यह शरीर के कई अहम अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, जब रक्त का दबाव लंबे समय तक सामान्य से अधिक बना रहता है, तो रक्त वाहिकाओं पर लगातार अतिरिक्त दबाव पड़ता है। धीरे-धीरे यह दबाव दिल, दिमाग, किडनी और आंखों जैसे महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करने लगता है। इसलिए जिन लोगों को हाई BP है, उन्हें नियमित जांच और इलाज में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
लगातार हाई BP रहने से धमनियां सख्त और संकरी होने लगती हैं। इससे दिल तक पर्याप्त मात्रा में खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। American Heart Association (AHA) के अनुसार, यह स्थिति आगे चलकर हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ा सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर दिमाग तक खून पहुंचाने वाली रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकता है। अगर कोई नस ब्लॉक हो जाए या फट जाए, तो स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर हाई BP को स्ट्रोक का सबसे बड़ा जोखिम कारकों में से एक मानते हैं।
जब दिल को लगातार अधिक दबाव के खिलाफ खून पंप करना पड़ता है, तो उसकी मांसपेशियां मोटी और कमजोर होने लगती हैं। समय के साथ यह स्थिति हार्ट फेल्योर का कारण बन सकती है, जिसमें दिल शरीर की जरूरत के अनुसार खून पंप नहीं कर पाता।
किडनी शरीर से विषैले पदार्थ और अतिरिक्त पानी बाहर निकालने का काम करती है। लेकिन लंबे समय तक हाई BP रहने से किडनी की छोटी-छोटी रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे उसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।
हाई BP सिर्फ दिल और किडनी तक ही सीमित नहीं रहता। यह आंखों की रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसके कारण धुंधला दिखाई देना, नजर कमजोर होना या गंभीर मामलों में दृष्टि पर स्थायी असर पड़ सकता है।
हाई BP शरीर की अन्य धमनियों को भी प्रभावित कर सकता है। इससे पैरों तक खून का प्रवाह कम हो सकता है, जिसके कारण चलते समय दर्द, भारीपन या जल्दी थकान महसूस हो सकती है।
CDC के अनुसार, लंबे समय तक अनियंत्रित हाई BP दिमाग की छोटी रक्त वाहिकाओं को भी प्रभावित कर सकता है। इससे उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त कमजोर पड़ने और सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ने का खतरा बढ़ सकता है।
अगर आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रहता है, तो सिर्फ दवा लेना ही काफी नहीं है। रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें भी इसे नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।