
Honey Benefits: सुबह उठते ही शरीर में भारीपन, दिनभर बिना कोई भारी काम किए भी थकान और कमजोरी महसूस होना क्या यह कहानी आपके साथ भी रोज दोहराई जा रही है? आलम यह है कि कोई बीमारी पकड़ में नहीं आती, लेकिन शरीर है कि साथ देने को तैयार ही नहीं होता। ऐसे में अमूमन हमारे घरों में सलाह दी जाती है, थोड़ा शहद खा लिया करो, तुरंत एनर्जी आ जाएगी! सही खान-पान और कुदरती चीजों के इस्तेमाल से शरीर की आधी सुस्ती वैसे ही गायब हो जाती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या शहद वाकई थकान मिटाने की संजीवनी है? या फिर इसे खाते वक्त कुछ सावधानियां भी बरतनी जरूरी हैं? आइए जानते हैं कि शहद खाने के क्या-क्या फायदे होते हैं?
जब शरीर में कोई बड़ी बीमारी न हो और फिर भी कमजोरी महसूस हो, तो इसका सीधा संबंध हमारे मेटाबॉलिज्म, ऑक्सीडेटिव स्ट्रैस और न्यूट्रिशन से होता है। रिफाइंड चीनी खाने पर ब्लड शुगर अचानक बढ़ता है और फिर तेजी से नीचे गिरता है, जिससे थकान और बढ़ जाती है। लेकिन शहद के मामले में ऐसा नहीं है। शहद में प्राकृतिक रूप से ग्लूकोज और फ्रक्टोज का संतुलन होता है। यह शरीर को तुरंत और लंबे समय तक टिकने वाली ताकत देता है। न्यूट्रिएंट्स जर्नल की रिसर्च के अनुसार, शहद में फ्लेवोनॉयड्स और फेनोलिक एसिड जैसे पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करके कोशिकाओं की मरम्मत करते हैं। शहद में प्रीबायोटिक गुण होते हैं, जो आंत के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देते हैं। पाचन दुरुस्त रहेगा, तो भोजन का पोषण सही से पचेगा और सुस्ती अपने आप दूर भागेगी।
हेल्थलाइन और बायोमेडिकल स्टडीज (PMC) में प्रकाशित 48 से अधिक क्लिनिकल ट्रायल्स के एनालिसिस से साबित हुआ है कि शहद केवल एक मीठा आहार नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक औषधि है, इसके 4 बड़े फायदे निम्न है;
1.गले की खराश और खांसी का अचूक इलाजसर्दी- जुकाम या गले में खिचखिच होने पर शहद से बेहतर कोई घरेलू दवा नहीं। यह गले में एक सुरक्षात्मक परत बनाता है और बैक्टीरिया से लड़ता है। बच्चों में रात की खांसी शांत करने में यह ओवर-द-काउंटर सिरप जितना ही असरदार पाया गया है।
2. दिल की सेहत के लिए बेहतर- मेडिकल एक्सपर्ट्स की मानें तो शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त धमनियों को सख्त होने से रोकते हैं। यह ट्राइग्लीसराइड्स को नियंत्रित करने और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करता है।
3. घाव भरने और त्वचा के लिए लाभकारी- शहद में कुदरती एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं। जलने या छोटे-मोटे घाव पर मेडिकल ग्रेड शहद लगाने से संक्रमण नहीं फैलता और घाव तेजी से भरता है।
4. बेहतर नींद में मददगार- अगर आपको रात में सुस्ती के बावजूद नींद नहीं आती, तो रात में एक चम्मच शहद लें। यह मस्तिष्क में ट्रिप्टोफैन को रिलीज करने में मदद करता है, जिससे सुकून की नींद आती है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, शहद कितना भी फायदेमंद क्यों न हो, गांठ बांध लें कि हर चीज हर किसी के लिए सही नहीं होती। जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। जानिए किन लोगों को शहद के इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए;
देखा जाए तो शहद कुदरत का दिया एक अनमोल तोहफा है, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के आपकी शारीरिक सुस्ती और कमजोरी को दूर कर सकता है। लेकिन इसे दवा समझकर संतुलित मात्रा (दिन में 1-2 चम्मच) में ही इस्तेमाल करें। बाजार से प्रोसेस्ड और मिलावटी शहद खरीदने से बचें। जितना हो सके शुद्ध और रॉ हनी (Raw Honey) का ही चयन करें। अगर शहद के सेवन के बाद भी आपकी थकान हफ्तों तक बनी रहती है, तो इसे अनदेखा न करें तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से मिलकर खून की जांच (जैसे हीमोग्लोबिन या विटामिन D/B12) जरूर करवाएं।