
हरी सब्जियों की कमी को पूरा करने के लिए सिंघाड़े का आटा, मखाना, फल और दही को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Green Vegetables Benefits: उपवास में अचानक आलू, कुट्टू का आटा, साबूदाना और तली-भूनी चीजें हमारी थाली का मुख्य हिस्सा बन जाती हैं। क्या आपके यहां भी व्रत के दौरान हरी पत्तेदार सब्जियां नहीं खाई जाती है तो आपके इस बात पर जरूर गौर किया होगा कि थाली से ये गायब होते ही पेट में भारीपन, कब्ज और सुस्ती क्यों घेर लेती है? अमूमन हम इसे उपवास की थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।
व्रत का असली मकसद शरीर को डिटॉक्स करना और पाचन तंत्र को आराम देना होता है। लेकिन हरी पत्तियों और ताजी सब्जियों से मिलने वाले फाइबर, मैग्नीशियम, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट्स जब अचानक मिलना बंद हो जाते हैं, तो हमारा डाइजेशन गड़बड़ा जाता है। असल में, जब आप उपवास के दौरान कार्बोहाइड्रेट ज्यादा लेते हैं और फाइबर कम कर देते हैं, तो शरीर में सुस्ती और कब्ज की समस्या दोगुनी हो जाती है।
व्रत के नियमों का पालन करते हुए भी आप हरी सब्जियों की इस कमी को बेहद आसानी से पूरा कर सकते हैं। पबमेड (PubMed) और एनसीबीआई (NCBI) की न्यूट्रिशन रिसर्च रिपोर्ट्स की मानें तो उपवास में संतुलित आहार बनाए रखने के लिए पोषक तत्वों के सही विकल्प चुनना बहुत जरूरी है। चलिए, जानते हैं कि हरी सब्जियों के बिना भी आप व्रत में अपने शरीर को भरपूर फाइबर और पोषण कैसे दे सकते हैं।
अक्सर देखा जाता है कि उपवास के दिनों में मरीजों को एसिडिटी, ब्लोटिंग और बीपी फ्लक्चुएट होने की शिकायत ज्यादा होती है। जब शरीर को रोज मिलने वाला रफेज (फाइबर) अचानक बंद हो जाएगा और उसकी जगह साबूदाने व कुट्टू की तली हुई पूड़ियां ले लेंगी, तो आंतों की चाल (Gut Motility) धीमी पड़ जाएगी। हरी सब्जियां न केवल पेट साफ रखती हैं, बल्कि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन भी बनाए रखती हैं।
व्रत के दौरान इन विकल्पों से शरीर में न्यूट्रिशन का संतुलन बनाए रखें;
देखा जाए तो कद्दू (सीताफल) और शकरकंद को व्रत में आसानी से खाया जाता है। ये कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और बीटा-कैरोटीन से भरपूर होते हैं। शकरकंद में मौजूद फाइबर हरी सब्जियों की कमी को तुरंत पूरा करता है और लंबे समय तक पेट भरा रखता है।
हरी पत्तियों से मिलने वाला फोलेट और विटामिन-सी आप सेब, अनार, पपीता, संतरा और खीरे से हासिल कर सकते हैं। पपीता आंतों को साफ करने में रामबाण है, जबकि खीरा शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है।
पबमेड में प्रकाशित स्टडीज के अनुसार, उपवास के दौरान प्रोबायोटिक्स आंतों के गुड बैक्टीरिया को बचाते हैं। 1 कटोरी ताजा दही या छाछ में भुना जीरा मिलाकर पिएं। साथ ही, मखाने से शरीर को कैल्शियम और मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा मिलती है।
कुट्टू के मुकाबले सिंघाड़े का आटा पचने में हल्का होता है और इसमें फाइबर भी ज्यादा होता है। सुबह-सुबह भीगे हुए बादाम और अखरोट खाने से शरीर को वह सूक्ष्म पोषण (Micronutrients) मिल जाता है, जो अमूमन हरी सब्जियों से मिलता है।
दिनभर केवल चाय पर रहने की गलती भारी पड़ सकती है। हर 2 घंटे में कम से कम 1 गिलास पानी या नारियल पानी पिएं। दोपहर के समय दही में 1 चम्मच भुना जीरा और थोड़ा सा कद्दूकस किया हुआ खीरा मिलाकर खाएं। यह आंतों की अंदरूनी परत को ठंडक देता है और डाइजेशन को एकदम स्मूथ रखता है।
Updated on:
16 Oct 2026 12:24 pm
Published on:
16 Oct 2026 12:24 pm
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