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Dog Bite And Rabies: कुत्ते के काटने के एक महीने बाद किशोर की रेबीज से मौत, WHO और वेबएमडी से जानें इससे बचने के उपाय

Dog Bite And Rabies: बागपत में कुत्ते के काटने के बाद सही इलाज न मिलने से किशोर की रेबीज से मौत की घटना सामने आई है। WHO, क्लीवलैंड क्लिनिक और वेबएमडी से जानें जानवर के काटने पर तुरंत उठाए जाने वाले जरूरी कदम।
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भारत

•

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Nidhi Yadav

•

Oct 15, 2026

representing medical care and anti-rabies vaccination awareness

कुत्ते के काटने के तुरंत बाद क्या करना चाहिए- प्रतीकात्मक तस्वीर (source- Freepik)

Dog Bite And Rabies: बागपत में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने फिर से रेबीज को लेकर लोगों के मन में सवाल खड़ा कर दिया है, करीब एक महीने पहले एक आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने के बाद एक किशोर की रेबीज से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसके परिवार ने इस मामले में न तो कोई मेडिकल इलाज कराया और न ही एंटी-रेबीज का टीका लगवाया। इस घटना के बाद डॉक्टरों ने आम जनता से कड़ी अपील की है कि कुत्ते या किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और मेडिकल केयर लें, ताकि जान बचाई जा सके। अब आपके भी मन में ये सवाल आ रहा होगा कि ऐसा तो हमने कई बार किया लेकिन हमारे साथ तो कुछ नहीं हुआ? आइए जानते हैं कि कुत्ते या अन्य किसी जानवर के काटने या खरोचनें पर एंटी-रेबीज वैक्सीन क्यों जरुरी है साथ ही तुरंत क्या करना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का क्या कहना है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, रेबीज एक ऐसी बीमारी है जो वायरस के जरिए फैलती है। कुत्ते, बिल्ली या किसी भी अन्य संशयित जानवर के काटने पर तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना अनिवार्य होता है। अक्सर लोग जानवर के काटने को मामूली खरोंच समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन लापरवाही ही इस बीमारी में जानलेवा साबित होती है। रेबीज के लक्षण एक बार दिखाई देने के बाद इसे बचाना नामुमकिन सा हो जाता है, इसलिए बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है।

क्यों जानलेवा बन जाती है ये छोटी सी लापरवाही?

क्लीवलैंड क्लिनिक का कहना है कि जब कोई आवारा कुत्ता काटता है, तो उसके मुंह की लार से रेबीज का वायरस इंसान के शरीर में प्रवेश कर जाता है। सिर, चेहरे या गर्दन के पास काटा जाना और भी ज्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि वायरस दिमाग तक बहुत तेजी से पहुंचता है। बागपत के इस किशोर के मामले में भी यही हुआ। काटने के बाद परिवार ने तुरंत डॉक्टर से संपर्क नहीं किया और कोई टीका नहीं लगवाया, जिसके चलते करीब एक महीने बाद संक्रमण ने उसकी जान ले ली। अगर समय रहते घाव को पानी और साबुन से अच्छी तरह धोकर एंटी-रेबीज वैक्सीन की खुराक ले ली जाती, तो शायद यह अनहोनी टल सकती थी।

कुत्ते या किसी अन्य जानवर के काटने पर तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए?

1. घाव को धोएं- वेबएमडी के अनुसार, कुत्ते या किसी जानवर के काटते ही सबसे पहले उस जगह को बहते हुए साफ पानी और साबुन से कम से कम 10-15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं। इससे वायरस का असर काफी हद तक कम हो जाता है।

2. घरेलू नुस्खों से बचें- मिर्च, हल्दी या तेल जैसी चीजें लगाने से बचें। यह सिर्फ समय की बर्बादी है और संक्रमण का खतरा बढ़ाती है।

3. डॉक्टर के पास जाएं- बिना एक पल गंवाए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाएं। डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन और जरूरत पड़ने पर इम्युनोग्लोबुलिन का कोर्स पूरा करें।

रेबीज एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज इसके लक्षण सामने आने के बाद बेहद मुश्किल बल्कि लगभग असंभव हो जाता है। बागपत की यह घटना हमें यही सीख देती है कि थोड़ी सी लापरवाही या अज्ञानता कितनी भारी पड़ सकती है। अगर आपके आसपास या परिवार में किसी को भी कोई जानवर काटे या खरोंच भी मारे, तो बिना झिझके तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।