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Potassium Deficiency: व्रत में थकान हो सकती है पोटैशियम की कमी, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें लक्षण और बचाव के उपाय

Potassium Deficiency: क्या व्रत में थकान और मांसपेशियों में ऐंठन महसूस हो रही है? क्लीवलैंड क्लिनिक और हेल्थडायरेक्ट से जानें व्रत में पोटैशियम की कमी (Hypokalemia) के कारण, लक्षण और इसे दूर करने के उपाय।
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भारत

•

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Nidhi Yadav

•

Oct 16, 2026

potassium deficiency symptoms and foods during fasting

व्रत के दौरान शरीर में पोटैशियम की कमी (Hypokalemia) से थकान और मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है, इसलिए संतुलित फलाहार जरूरी है- प्रतीकात्मक तस्वीर (source- chatgpt)

Potassium Deficiency During Fast: व्रत रखना हमारे स्वास्थ्य का भी एक अहम हिस्सा है। लंबे समय तक भूखे रहने या खान-पान में अचानक बदलाव के कारण शरीर में जरूरी पोषक तत्वों और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है। पोटैशियम शरीर का एक महत्वपूर्ण खनिज (mineral) और इलेक्ट्रोलाइट है, जो नसों (nerves), मांसपेशियों (muscles) और दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक होता है। रक्त में पोटैशियम के स्तर का बहुत कम हो जाना हाइपोकैलेमिया (Hypokalemia) कहलाता है। आइए जानते हैं कि व्रत के दौरान पोटैशियम की कमी क्यों होती है, इसके मुख्य लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

व्रत में पोटैशियम कम क्यों हो जाता है?

व्रत में हम नॉर्मल डाइट छोड़ देते हैं, जिससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। व्रत में कम पानी पीने या पसीना ज्यादा आने से शरीर के जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स कम होने लगते हैं। कई बार एसिडिटी या कमजोरी की वजह से उल्टी जैसा मन होता है, जिससे शरीर का पोटैशियम तेजी से बाहर निकल जाता है। यही कारण है कि व्रत के दौरान शरीर में पोटैशियम की कमी आ जाती है।

कैसे पहचानें कि पोटैशियम कम हो गया है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, शुरुआत में इसके ज्यादा लक्षण नहीं दिखते, लेकिन कमी बढ़ने पर ये बातें महसूस हो सकती हैं;

  • मांसपेशियों में कमजोरी और ऐंठन हो जाना।
  • हर वक्त थकान महसूस होना।
  • दिल की धड़कन का तेज होना।
  • कब्ज या पेट फूलना।

पोटैशियम की कमी को कैसे दूर किया जा सकता है?

व्रत के दौरान आप कुछ ऐसी चीजें अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं जिससे पोटैशियम की कमी न हो;

  • केला खाएं क्योंकि यह पोटैशियम का सबसे अच्छा और आसान सोर्स है, जो व्रत में तुरंत एनर्जी भी देता है।
  • नारियल पानी पिएं।
  • व्रत में उबले आलू या शकरकंद खाना फायदेमंद होता है।
  • खजूर, बादाम और किशमिश का सेवन करने से भी शरीर को ताकत मिलती है।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

ऑस्ट्रेलिया की स्वास्थ्य संस्था हेल्थडायरेक्ट के अनुसार, आपको बहुत ज्यादा चक्कर आ रहे हैं, दिल की धड़कन अजीब लग रही है या मांसपेशियों में बहुत तेज दर्द है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। एक बात का ध्यान रखें बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी पोटैशियम की दवाई या सप्लीमेंट न लें, क्योंकि शरीर में जरूरत से ज्यादा पोटैशियम होना भी खतरनाक हो सकता है।

व्रत के दौरान केवल भूखे रहने के बजाय नारियल पानी, केले, उबले आलू और ताजे फलों जैसी पोटैशियम से भरपूर चीजों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। यदि व्रत के दौरान कमजोरी या दिल की धड़कन में किसी भी तरह की असमानता महसूस हो, तो लापरवाही न बरतें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। संतुलित खान-पान और सही सावधानी अपनाकर ही आप स्वस्थ तरीके से व्रत रख सकते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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