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Dizziness Cause: व्रत में चक्कर आए तो क्या करें? क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें डिजीनेस के कारण और लक्षण

Dizziness: व्रत में चक्कर (Dizziness) क्यों आते हैं? क्लीवलैंड क्लिनिक जानिए फैट, ब्लड शुगर और डिहाइड्रेशन का कनेक्शन, साथ ही तुरंत राहत पाने के उपाय और बचाव के तरीके।
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भारत

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Nidhi Yadav

•

Oct 15, 2026

व्रत के दौरान चक्कर और कमजोरी महसूस करती हुई महिला

व्रत में लंबे समय तक खाली पेट रहने या पानी की कमी से चक्कर आ सकते हैं- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Chatgpt)

Dizziness Hindi: व्रत या उपवास हमारी संस्कृति और सेहत दोनों का एक बड़ा हिस्सा रहे हैं। वजन घटाने के लिए आजकल लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं, तो कई लोग आस्था के कारण व्रत रखते हैं। पर क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि व्रत के दौरान अचानक सिर घूमने लगे, आंखों के आगे अंधेरा छा जाए या शरीर में बिल्कुल ताकत न बचे? हेल्थलाइन के मुताबिक, इसे मेडिकल भाषा में डिजीनेस (Dizziness) कहते हैं। अक्सर हम इसे सिर्फ कमजोरी या पानी की कमी मान लेते हैं, लेकिन इसके पीछे हमारे शरीर की कार्यप्रणाली, ब्लड शुगर और फैट (चर्बी) का बहुत गहरा रिश्ता होता है। आइए जानते हैं कि व्रत में ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

व्रत के दौरान सिर क्यों घूमता है?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, जब हम लंबे समय तक कुछ नहीं खाते, तो शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा (Energy) की जरूरत होती है। जब पेट में ग्लूकोज खत्म हो जाता है, तो शरीर अपनी जमा हुई चर्बी यानी फैट को बर्न करके ऊर्जा बनाने की कोशिश करता है। अगर आपका शरीर इस बदलाव के लिए तैयार नहीं है या अचानक से उसे खाना मिलना बंद हो जाता है, तो खून में शुगर का स्तर तेजी से नीचे गिर जाता है (जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं)। हमारे दिमाग को सुचारू रूप से चलने के लिए लगातार ग्लूकोज चाहिए होता है। जब दिमाग तक पर्याप्त ग्लूकोज और ऑक्सीजन नहीं पहुँचती, तो हमें चक्कर आने लगते हैं।

चक्कर आने के मुख्य कारण

  • ब्लड शुगर का घटना।
  • पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)।
  • इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलन।
  • अचानक उठना-बैठना।

शरीर क्या संकेत देता है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, चक्कर आने पर शरीर ये संकेत देने लगता है;

  • सिर भारी होना या लगातार घूमना (Lightheadedness)।
  • आंखों के आगे धुंधलापन या कालापन आना।
  • हाथ-पैर ठंडे पड़ना और ठंडा पसीना आना।
  • जी मिचलाना या घबराहट महसूस होना।
  • खड़े रहने में दिक्कत होना या शरीर का संतुलन बिगड़ना।

तुरंत राहत पाने के उपाय

अगर अचानक चक्कर आने लगें, तो घबराएं नहीं, ये उपाय करें;

  • बैठ जाएं या लेट जाएं- जैसे ही सिर घूमे, खड़े रहने की कोशिश बिल्कुल न करें। जमीन पर या बिस्तर पर आराम से बैठ जाएं ताकि दिमाग तक खून का दौरा सही हो सके।
  • नींबू-पानी या ओआरएस लें- अगर आपके व्रत के नियम इसकी इजाजत देते हैं, तो तुरंत एक गिलास पानी में थोड़ा सा नमक, नींबू और चीनी घोलकर पिएं। इससे शरीर को तुरंत ताकत मिलेगी।
  • लंबी सांसें लें- कई बार घबराहट से भी चक्कर बढ़ते हैं। आंखें बंद करके दो-तीन गहरी सांस लें।

इन बातों का रखें ध्यान, ताकि चक्कर न आएं

फिजिशियन डॉ विपुल अग्रवाल का कहना है कि व्रत शुरू करने से पहले ऐसा भोजन करें जिसमें हेल्दी फैट्स, प्रोटीन और अच्छे कार्बोहाइड्रेट हों (जैसे पनीर, मेवे, दही)। इससे शरीर में लंबे समय तक ऊर्जा बनी रहती है और ब्लड शुगर अचानक नहीं गिरता। व्रत के दौरान जब भी पानी पीने की छूट हो, पर्याप्त पानी, नारियल पानी या छाछ लेते रहें। जब व्रत खोलें, तो एकदम से बहुत सारा या तला-भुना खाना खाने से बचें। शुरुआत हल्के तरल पदार्थों या फलों से करें ताकि पेट पर अचानक जोर न पड़े।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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