
व्रत में लंबे समय तक खाली पेट रहने या पानी की कमी से चक्कर आ सकते हैं- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Chatgpt)
Dizziness Hindi: व्रत या उपवास हमारी संस्कृति और सेहत दोनों का एक बड़ा हिस्सा रहे हैं। वजन घटाने के लिए आजकल लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं, तो कई लोग आस्था के कारण व्रत रखते हैं। पर क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि व्रत के दौरान अचानक सिर घूमने लगे, आंखों के आगे अंधेरा छा जाए या शरीर में बिल्कुल ताकत न बचे? हेल्थलाइन के मुताबिक, इसे मेडिकल भाषा में डिजीनेस (Dizziness) कहते हैं। अक्सर हम इसे सिर्फ कमजोरी या पानी की कमी मान लेते हैं, लेकिन इसके पीछे हमारे शरीर की कार्यप्रणाली, ब्लड शुगर और फैट (चर्बी) का बहुत गहरा रिश्ता होता है। आइए जानते हैं कि व्रत में ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, जब हम लंबे समय तक कुछ नहीं खाते, तो शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा (Energy) की जरूरत होती है। जब पेट में ग्लूकोज खत्म हो जाता है, तो शरीर अपनी जमा हुई चर्बी यानी फैट को बर्न करके ऊर्जा बनाने की कोशिश करता है। अगर आपका शरीर इस बदलाव के लिए तैयार नहीं है या अचानक से उसे खाना मिलना बंद हो जाता है, तो खून में शुगर का स्तर तेजी से नीचे गिर जाता है (जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं)। हमारे दिमाग को सुचारू रूप से चलने के लिए लगातार ग्लूकोज चाहिए होता है। जब दिमाग तक पर्याप्त ग्लूकोज और ऑक्सीजन नहीं पहुँचती, तो हमें चक्कर आने लगते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, चक्कर आने पर शरीर ये संकेत देने लगता है;
अगर अचानक चक्कर आने लगें, तो घबराएं नहीं, ये उपाय करें;
फिजिशियन डॉ विपुल अग्रवाल का कहना है कि व्रत शुरू करने से पहले ऐसा भोजन करें जिसमें हेल्दी फैट्स, प्रोटीन और अच्छे कार्बोहाइड्रेट हों (जैसे पनीर, मेवे, दही)। इससे शरीर में लंबे समय तक ऊर्जा बनी रहती है और ब्लड शुगर अचानक नहीं गिरता। व्रत के दौरान जब भी पानी पीने की छूट हो, पर्याप्त पानी, नारियल पानी या छाछ लेते रहें। जब व्रत खोलें, तो एकदम से बहुत सारा या तला-भुना खाना खाने से बचें। शुरुआत हल्के तरल पदार्थों या फलों से करें ताकि पेट पर अचानक जोर न पड़े।
Updated on:
15 Oct 2026 12:44 pm
Published on:
15 Oct 2026 12:44 pm
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