स्वास्थ्य

Bipolar Disorder : बाइपोलर डिसऑर्डर की जंग में हनी सिंह के बाल उड़ गए थे! मनोचिकित्सक से जानिए इस बीमारी के शुरूआती लक्षण

Honey Singh Bipolar Disorder: हनी सिंह ने एक पॉडकास्ट में बताया कि कैसे बाइपोलर डिसऑर्डर की दवाओं और तनाव के कारण सिंगर के सारे बाल उड़ गए थे। मनोचिकित्सक डॉक्टर आदित्य सोनी से समझें इस बीमारी के शुरुआती संकेत।
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Updated: 29 May 2026, 11:17 AM IST
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हनी सिंह- फाइल फोटो (Source- @yoyohoneysingh)

Honey Singh Bipolar Disorder: मशहूर रैपर और सिंगर हनी सिंह ने हाल ही में "एबीटॉक्स" के साथ पॉडकास्ट में बताया है कि जब वो बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar Disorder) से जूझ रहे थे। 7 साल इस डिसऑर्डर से चली जंग में उनके बाल झड़ गए और अब विग लगाते हैं।

पत्रिका की खास बातचीत में जयपुर के मनोचिकित्सक डॉक्टर आदित्य सोनी ( MD, Psychiatrist) ने बताया कि बाइपोलर डिसऑर्डर केवल मूड स्विंग्स होना नहीं है, बल्कि यह दिमाग से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है।

आइए जानते हैं कि यह बीमारी क्या है, इसके शुरूआती लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

क्या होता है बाइपोलर डिसऑर्डर?

मनोचिकित्सक के अनुसार, बाइपोलर डिसऑर्डर एक तरह की मानसिक बीमारी है जिसमें इंसान के मूड में अचानक बहुत बड़ा बदलाव आ जाता है। इसमें मरीज का दिमाग दो एकदम अलग छोरों यानी बहुत ज्यादा खुश होना और डिप्रेशन के बीच घूमता रहता है। आम तौर पर लोगों को लगता है कि यह सामान्य मूड स्विंग्स है, लेकिन इसमें मरीज का खुद के इमोशंस पर कोई कंट्रोल नहीं रहता।

बाइपोलर डिसऑर्डर के शुरुआती लक्षण

  • बिना वजह बहुत ज्यादा बातें करना।
  • नई-नई योजनाएं बनाना।
  • बिना बात के उदास रहना।
  • लोगों से मिलना-जुलना बंद करना।
  • थका हुआ महसूस होना।
  • छोटी-छोटी बातों पर बहुत तेज गुस्सा आना।

कौनसे संकेत नजरअंदाज नहीं करने चाहिए?

  • हर वक्त बिना बात के रोने का मन करना।
  • खुद पर कोई कंट्रोल नहीं रहना।
  • खुद को भगवान समझना।
  • सच्चाई से नाता टूटना।
  • खुद को नुकसान पहुंचाना।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

अगर आपके परिवार में या किसी जानने वाले में लगातार 2 हफ्ते से ज्यादा ऐसे मूड स्विंग्स दिख रहे हैं, तो मनोचिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। इसे भूत-प्रेत का चक्कर या केवल गुस्सा मानकर नजरअंदाज करने की गलती बिल्कुल न करें।

बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज काउंसलिंग, थेरेपी और दवाओं की मदद से हो सकता है। मरीज को ठीक करने के लिए परिवार का सपोर्ट जरूरी होता है।

इससे बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल को ठीक रखें, रोजाना 7-8 घंटे की पूरी नींद लें, नशों से बिल्कुल दूर रहें और योग या मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
29 May 2026, 11:17 AM IST
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