
Hypocalcemia Symptoms: हाथ-पैरों में चींटियां चलना या अचानक से होंठों के आसपास अजीब सी सरसराहट होना, अक्सर हम इन बातों को बहुत मामूली मानकर छोड़ देते हैं। हम सोचते हैं कि एक ही पोजीशन में बैठने की वजह से ऐसा हुआ होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह शरीर के भीतर छिपी एक बड़ी परेशानी का इशारा हो सकता है?
इसे हाइपोकैल्सीमिया (Hypocalcemia) कहते हैं, जिसका सीधा मतलब है शरीर में कैल्शियम की भारी कमी। मशहूर क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, जब हमारे खून में कैल्शियम का लेवल जरूरत से ज्यादा गिर जाता है, तो शरीर ऐसे ही छोटे-छोटे संकेतों के जरिए हमें अलर्ट करना शुरू कर देता है।
जब भी हम कैल्शियम का नाम सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले मजबूत हड्डियों और दांतों की तस्वीर आती है। बेशक यह सच है, लेकिन कैल्शियम का काम सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। हमारा दिल ठीक से धड़के, हमारी नसें (Nerves) दिमाग तक सही सिग्नल पहुंचाएं और हमारी मांसपेशियां (Muscles) बिना किसी दर्द के काम कर सकें, इन सब के लिए खून में कैल्शियम का सही लेवल होना बेहद जरूरी है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, जब हमारे खून में कैल्शियम की मात्रा जरूरत से ज्यादा कम हो जाती है, तो इसकी वजह से इंसान की सेहत बिगड़ सकती है और उसकी रोजमर्रा की जिंदगी पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जिनमें से मुख्य ये हैं;
कैल्शियम की कमी को लंबे समय तक नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इससे हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि हल्का सा झटका लगने पर भी फ्रैक्चर हो सकता है (जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं)। इसके अलावा, बच्चों में इसकी कमी से सूखा रोग (Rickets) हो सकता है और बड़ों में दिमागी भ्रम या दौरे पड़ने जैसी गंभीर नौबत भी आ सकती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।