
Hypokalemia Symptoms: क्या आपको भी अक्सर काम करते-करते अचानक मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps) महसूस होती है? या फिर बिना किसी भारी काम के ही हाथ-पैरों में अजीब सी कमजोरी और थकान छाई रहती है? कई बार हम इस कमजोरी को दिनभर की भागदौड़ या नींद पूरी न होने का नतीजा समझकर टाल देते हैं। लेकिन अगर यह समस्या आपके साथ बार-बार हो रही है, तो संभल जाइए। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, शरीर में यह ऐंठन और कमजोरी पोटैशियम की कमी का इशारा हो सकती है। खून में पोटैशियम का स्तर कम होने की स्थिति को हाइपोकैलिमिया (Hypokalemia) कहा जाता है। आइए जानते हैं कि पोटैशियम हमारे शरीर के लिए क्यों जरूरी है, इसकी कमी के कारण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पोटैशियम हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण मिनरल और इलेक्ट्रोलाइट है। यह हमारी मांसपेशियों (Muscles) को सही तरीके से काम करने में मदद करता है, नसों (Nerves) के सिग्नल्स को दिमाग तक पहुंचाता है और दिल की धड़कन व ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखता है। जब खून में पोटैशियम का स्तर सही रहता है, तो मांसपेशियां आसानी से सिकुड़ती और फैलती हैं। लेकिन जैसे ही शरीर में इसकी कमी होती है, मांसपेशियों के काम करने का संतुलन बिगड़ जाता है और वे अचानक अकड़ने या कमजोर पड़ने लगती हैं। एक वयस्क के लिए पोटेशियम का सामान्य स्तर 3.5 से 5.2 mEq/L (3.5 से 5.2 mmol/L) होता है। 3 mEq/L (3 mmol/L) से कम स्तर को गंभीर हाइपोकैलेमिया माना जा सकता है।
अक्सर लोग सोचते हैं कि कम खाने की वजह से पोटैशियम घट जाता है, लेकिन सच यह है कि सिर्फ डाइट की वजह से ऐसा कम ही होता है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, पोटैशियम की कमी ज्यादातर शरीर से तरल पदार्थ (Fluids) के ज्यादा बाहर निकलने की वजह से होती है। इसके मुख्य कारण ये हैं
जब शरीर में पोटैशियम का लेवल कम होने लगता है, तो ये लक्षण दिखाई देने लगते हैं;
अगर पोटैशियम का स्तर हल्का-फुल्का कम है, तो आप अपनी रोजमर्रा की खुराक में बदलाव करके इसे आसानी से ठीक कर सकते हैं:
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।