
Japanese Encephalitis Symptoms: आजकल बदलते मौसम और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के बीच कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इन्हीं में से एक गंभीर बीमारी है, जापानी इंसेफेलाइटिस (Japanese Encephalitis)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और सीडीसी (CDC) के मुताबिक, यह बीमारी मच्छरों के काटने से फैलती है और सीधे हमारे दिमाग पर हमला करती है। इसे दिमागी बुखार भी कहते हैं। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे खुद को कैसे बचाया जा सकता है।
यह बीमारी जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस (JEV) की वजह से होती है। जब कोई क्यूलेक्स (Culex) प्रजाति का मच्छर किसी संक्रमित सूअर या जंगली पक्षी को काटने के बाद किसी इंसान को काट लेता है, तो यह वायरस इंसान के शरीर में पहुंच जाता है। राहत की बात यह है कि यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान में सीधे नहीं फैलती, यानी यह कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है। यह बीमारी ज्यादातर गांवों, खेती-बाड़ी वाले इलाकों और जहां धान (चावल) के खेत या पानी जमा होने वाली जगहें होती हैं, वहां ज्यादा देखने को मिलती है।
इस वायरस से संक्रमित होने वाले लगभग 99% लोगों में या तो कोई लक्षण नहीं दिखते या फिर बहुत हल्के लक्षण दिखते हैं। लेकिन बचे हुए 1% लोगों में, जिनमें खासकर बच्चे शामिल हैं, यह वायरस दिमाग में सूजन (Encephalitis) पैदा कर देता है, जो बेहद खतरनाक स्थिति होती है।
मच्छर के काटने के 5 से 15 दिनों के भीतर इस बीमारी के लक्षण सामने आने लगते हैं। इन्हें हम दो हिस्सों में समझ सकते हैं;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।