26 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पेशाब करते समय जलन और डिस्चार्ज? CDC से जानिए Gonorrhoea के शुरुआती संकेत

Gonorrhoea Treatment: पेशाब करते समय जलन, असामान्य डिस्चार्ज या बार-बार पेशाब आना? CDC और NCBI के अनुसार जानिए गोनोरिया के शुरुआती लक्षण, कारण, जांच और बचाव।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Dimple Yadav

Jun 26, 2026

Gonorrhoea Treatment Gonorrhoea Prevention CDC Gonorrhoea

गोनोरिया संक्रमण के शुरुआती लक्षणों को दर्शाता मेडिकल इन्फोग्राफिक (photo- freepik)

Gonorrhoea Symptoms: अगर आपको पेशाब करते समय जलन महसूस हो रही है, गुप्तांगों से असामान्य स्राव (डिस्चार्ज) हो रहा है या बार-बार पेशाब आने की समस्या बनी हुई है, तो इसे सामान्य यूरिन इंफेक्शन समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। कुछ मामलों में ये लक्षण गोनोरिया (Gonorrhoea) नाम के यौन संचारित संक्रमण (Sexually Transmitted Infection-STI) का संकेत हो सकते हैं।

अमेरिका के Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, गोनोरिया एक सामान्य लेकिन गंभीर संक्रमण है। यदि समय पर इसकी पहचान और इलाज न हो, तो यह पुरुषों और महिलाओं दोनों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। चिंता की बात यह है कि कई संक्रमित लोगों में शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई ही नहीं देते।

Gonorrhoea क्या है?

गोनोरिया एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो Neisseria gonorrhoeae नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मुख्य रूप से यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है और जननांग, मलाशय (रेक्टम), गले तथा कुछ मामलों में आंखों को भी प्रभावित कर सकता है।CDC के मुताबिक, यह संक्रमण किसी भी यौन सक्रिय व्यक्ति को हो सकता है।

Gonorrhoea के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

कई लोगों में कोई लक्षण नहीं होते। लेकिन जब लक्षण दिखाई देते हैं, तो उनमें शामिल हो सकते हैं:

  1. पेशाब करते समय जलन- यह गोनोरिया का सबसे आम शुरुआती लक्षण माना जाता है। पेशाब करते समय दर्द या तेज जलन महसूस हो सकती है।
  2. गुप्तांगों से असामान्य डिस्चार्ज- पुरुषों में लिंग से सफेद, पीले या हरे रंग का स्राव निकल सकता है। महिलाओं में भी सामान्य से अलग योनि स्राव दिखाई दे सकता है।
  3. बार-बार पेशाब आने की इच्छा- कुछ लोगों को बार-बार पेशाब करने की जरूरत महसूस हो सकती है।
  4. महिलाओं में श्रोणि (पेल्विक) दर्द- महिलाओं में पेट के निचले हिस्से या श्रोणि में दर्द हो सकता है। कई बार इसे सामान्य संक्रमण समझ लिया जाता है।
  5. पुरुषों में अंडकोष में दर्द या सूजन- CDC के अनुसार, कुछ पुरुषों में एक अंडकोष में दर्द या सूजन हो सकती है।
  6. गले में संक्रमण- यदि संक्रमण मुखमैथुन (ओरल सेक्स) के माध्यम से फैला हो, तो गले में खराश या दर्द हो सकता है। हालांकि कई मामलों में कोई लक्षण नहीं होते।
  7. मलाशय (रेक्टम) में संक्रमण- यदि संक्रमण रेक्टम में हो, तो दर्द, खुजली, स्राव या रक्तस्राव हो सकता है।

महिलाओं में लक्षण पहचानना क्यों मुश्किल होता है?

MedlinePlus के अनुसार, महिलाओं में गोनोरिया के शुरुआती लक्षण कई बार बहुत हल्के होते हैं या बिल्कुल नहीं होते। इसी कारण संक्रमण लंबे समय तक बिना इलाज के रह सकता है और बाद में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।

इलाज न कराने पर क्या हो सकता है?

CDC और NCBI के अनुसार, समय पर इलाज न मिलने पर गोनोरिया कई जटिलताओं का कारण बन सकता है। महिलाओं में श्रोणि सूजन रोग (Pelvic Inflammatory Disease - PID), बांझपन का खतरा बढ़ना, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (गर्भाशय के बाहर गर्भ ठहरना) का कारण बन सकता है। वहीं पुरुषों में एपिडिडिमिस में सूजन और प्रजनन क्षमता प्रभावित होना (दुर्लभ मामलों में) हो सकता है। यदि संक्रमण खून में फैल जाए, तो यह जोड़ों और शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है।

Gonorrhoea की जांच कैसे होती है?

डॉक्टर लक्षण और जोखिम के आधार पर जांच की सलाह दे सकते हैं। इसमें आमतौर पर पेशाब का नमूना, प्रभावित हिस्से से स्वैब (सैंपल), प्रयोगशाला जांच शामिल हो सकती हैं।

क्या इसका इलाज संभव है?

CDC के अनुसार, गोनोरिया का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है। लेकिन दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेनी चाहिए। इलाज पूरा करना और जरूरत पड़ने पर यौन साथी की भी जांच व इलाज कराना महत्वपूर्ण है, ताकि संक्रमण दोबारा न फैले।

बचाव कैसे करें?

इन उपायों से जोखिम कम किया जा सकता है:

  • सुरक्षित यौन संबंध बनाना
  • कंडोम का सही तरीके से उपयोग करना
  • एक से अधिक यौन साथी होने पर नियमित STI जांच कराना
  • लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना
  • इलाज पूरा होने तक यौन संबंध से बचना

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।