
टीआईए भविष्य में आने वाले किसी बड़े ब्रेन स्ट्रोक की एक चेतावनी हो सकती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)
Transient Ischemic Attack Symptoms: कई बार हमारे शरीर में अचानक कुछ ऐसे बदलाव होते हैं जिन्हें हम थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। जैसे, अचानक हाथ-पैर सुन्न हो जाना, कुछ सेकंड के लिए आंखों के आगे धुंधलापन छा जाना या बोलते-बोलते जुबान का लड़खड़ा जाना।
अगर आपके या आपके किसी जानने वाले के साथ ऐसा होता है, तो इसे हल्के में बिल्कुल न लें। यह मिनी स्ट्रोक यानी टीआईए (Transient Ischaemic Attack) का संकेत हो सकता है। भले ही इसके लक्षण कुछ मिनटों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन यह भविष्य में आने वाले किसी बड़े ब्रेन स्ट्रोक की एक चेतावनी होती है। आइए मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक के आधार पर समझते हैं कि यह क्या होता है?
मिनी स्ट्रोक तब आता है जब दिमाग के किसी हिस्से में खून की सप्लाई कुछ समय के लिए रुक जाती है। ऐसा अक्सर खून की नली में किसी छोटे थक्के (blood clot) के फंसने या रुकावट आने की वजह से होता है। अच्छी बात यह है कि यह रुकावट बहुत जल्दी अपने आप ठीक हो जाती है और दिमाग को कोई हमेशा के लिए नुकसान नहीं पहुंचता। यही वजह है कि इसके लक्षण कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों में पूरी तरह गायब हो जाते हैं। लेकिन इसका मतलब यह कटई नहीं है कि खतरा टल गया है।
इसके लक्षण अचानक आते हैं और इनके लिए डॉक्टरों का एक सीधा फॉर्मूला है, जिसे FAST कहा जाता है;
1. F (Face - चेहरा)- अचानक चेहरे का एक हिस्सा सुन्न हो जाना या मुस्कुराने पर मुंह का एक तरफ लटक जाना।
2. A (Arms - हाथ)- एक हाथ या पैर में अचानक कमजोरी महसूस होना या वह पूरी तरह सुन्न हो जाना।
3. S (Speech - बोली)- बोलने में दिक्कत होना, जुबान का अचानक लड़खड़ाना या दूसरों की बात समझने में परेशानी होना।
4. T (Time - समय)- अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो बिना एक पल गंवाए तुरंत डॉक्टर के पास भागने का समय है।
इसके अलावा अचानक आंखों के आगे अंधेरा छा जाना या धुंधला दिखाई देना, तेज चक्कर आना और शरीर का संतुलन खो जाना भी इसके बड़े लक्षण हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
24 Jun 2026, 2:27 PM IST
Published on:
24 Jun 2026, 2:27 PM IST
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