
पद्म विभूषण सम्मान ग्रहण करतीं अलका याग्निक | Credit-instagram/therealalkayagnik
Alka Yagnik Health Issue : मशहूर गायिका अलका याग्निक को पद्म भूषण से नवाजा गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गायिका को इस सम्मान से सम्मानित किया। इस खास पल की तस्वीर को अलका ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर करते हुए एक भावुक पोस्ट लिखी है। इस सम्मान के बीच, उनके चाहने वाले उनकी सेहत को लेकर भी चिंतित नजर आ रहे हैं। बता दें कि करीब दो साल से गायिका सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस (SNHL) से जूझ रही हैं और फिलहाल उनका इलाज जारी है।
ईएनटी सर्जन डॉ. शिखारानी पटेल (Dr Shikharani Patel, ENT Surgeon) ने इस बीमारी के कारणों को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की है। आइए, इसके बारे में आसान भाषा में समझते हैं-
Cleveland Clinic के मुताबिक, सेंसोरिन्यूरल हियरिंग लॉस (SNHL) तब होता है जब अंदरूनी कान (Inner Ear) या वहां की नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इस वजह से ध्वनि तरंगें पूरी तरह से दिमाग तक नहीं पहुंच पाती हैं। इसके कारण व्यक्ति को बेहद कम सुनाई देता है या वह पूरी तरह सुनने की क्षमता खो देता है। ऐसी स्थिति में मरीज को सुनने के लिए श्रवण यंत्र (Hearing Aid), कॉक्लियर इम्प्लांट या अन्य उपकरणों की मदद लेनी पड़ती है।
डॉ. पटेल इस बीमारी के कारणों को समझाते हुए कहती हैं कि कई बार यह दिक्कत वायरल इन्फेक्शन की वजह से होती है। हर्पीस और मम्प्स (गलसुआ) जैसे कुछ वायरस इसके मुख्य कारण हो सकते हैं, जो कान की नसों को प्रभावित करते हैं।
इसके अलावा, ईयरफोन या हेडफोन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करना और तेज आवाज (लाउड म्यूजिक) में गाने सुनना भी इसका एक बड़ा कारण है। इन वजहों से कभी-कभी अचानक सुनने की क्षमता चली जाती है (सडन हियरिंग लॉस), जिसके साथ चक्कर आना और कान में लगातार आवाजें गूंजने (टिनिटस) जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
डॉक्टर के अनुसार, सेंसोरिन्यूरल हियरिंग लॉस एक गंभीर और संवेदनशील समस्या है। अगर सही समय पर यानी इसके शुरुआती लक्षणों के दिखते ही इलाज शुरू करा दिया जाए, तो काफी हद तक सुधार संभव है। अगर आपको कान में भारीपन, कम सुनाई देना या कोई भी अन्य समस्या महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से कान साफ करने या घरेलू नुस्खे आजमाने से पूरी तरह बचें।
Published on:
24 Jun 2026 12:58 pm
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