24 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Varicose Veins और Varicose Eczema में क्या है फर्क, NHS से समझिए

Varicose Eczema: एनएचएस के अनुसार जानिए Varicose Veins और Varicose Eczema में क्या अंतर है, इनके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके क्या हैं।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Dimple Yadav

Jun 24, 2026

Varicose Veins, Varicose Eczema

पैरों में उभरी वैरिकोज नसें को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

Varicose Veins and Varicose Eczema: पैरों में उभरी हुई नीली नसें दिखना, लंबे समय तक खड़े रहने पर भारीपन महसूस होना या टखनों के आसपास खुजली और लाल चकत्ते बन जाना, ये समस्याएं अक्सर उम्र बढ़ने या थकान का असर समझकर नजरअंदाज कर दी जाती हैं। लेकिन कई बार ये वैरिकोज नसों और वैरिकोज एक्जिमा जैसी स्थि तियों का संकेत हो सकती हैं।

दिलचस्प बात यह है कि बहुत से लोग इन दोनों समस्याओं को एक ही बीमारी समझ लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। एनएचएस (नेशनल हेल्थ सर्विस, यूके) के अनुसार, वैरिकोज नसें और वैरिकोज एक्जिमा आपस में जुड़े जरूर हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इनमें क्या फर्क है और कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

वैरिकोज नसें क्या हैं?

वैरिकोज नसें ऐसी नसें होती हैं जो सूजकर बड़ी, उभरी हुई और मुड़ी-तुड़ी दिखाई देने लगती हैं। ये आमतौर पर पैरों और टांगों में दिखाई देती हैं। एनएचएस के मुताबिक, यह समस्या तब होती है जब नसों के अंदर मौजूद छोटे वाल्व ठीक से काम नहीं करते। वाल्व कमजोर पड़ने पर खून नीचे की ओर जमा होने लगता है, जिससे नसों पर दबाव बढ़ता है और वे फूल जाती हैं।

वैरिकोज नसों के सामान्य लक्षण

  • पैरों में उभरी हुई नीली या बैंगनी नसें
  • पैरों में भारीपन या दर्द
  • लंबे समय तक खड़े रहने पर असहजता
  • टखनों और पैरों में सूजन
  • रात में पैरों में ऐंठन

कई लोगों में यह समस्या सिर्फ दिखने तक सीमित रहती है, लेकिन कुछ मामलों में यह आगे चलकर त्वचा से जुड़ी परेशानियां भी पैदा कर सकती है।

वैरिकोज एक्जिमा क्या है?

वैरिकोज एक्जिमा को शिरापरक एक्जिमा भी कहा जाता है। एनएचएस के अनुसार, यह एक त्वचा संबंधी समस्या है जो अक्सर उन लोगों में विकसित होती है जिन्हें लंबे समय से वैरिकोज नसों की समस्या होती है। जब नसों में खून का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता, तो आसपास की त्वचा तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति प्रभावित होने लगती है। इससे त्वचा में सूजन और जलन पैदा हो सकती है।

वैरिकोज एक्जिमा के लक्षण

  • टखनों के आसपास लाल या भूरे रंग के धब्बे
  • त्वचा में खुजली
  • त्वचा का सूखा और पपड़ीदार होना
  • त्वचा का मोटा या सख्त होना
  • सूजन और जलन
  • गंभीर मामलों में त्वचा पर घाव बनना

दोनों में क्या है सबसे बड़ा फर्क?

वैरिकोज नसों और वैरिकोज एक्जिमा में सबसे बड़ा फर्क यह है कि वैरिकोज नसें रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्या हैं, जबकि वैरिकोज एक्जिमा त्वचा की बीमारी है। वैरिकोज नसों में खराब रक्त प्रवाह के कारण पैरों की नसें सूजकर उभर जाती हैं, जिससे पैरों में दर्द और भारीपन महसूस होता है। जब नसों की यह खराबी लंबे समय तक बनी रहती है, तो उस हिस्से की त्वचा प्रभावित होने लगती है, जिससे वहां लालपन, सूखापन और तेज खुजली होने लगती है। इसी स्थिति को वैरिकोज एक्जिमा कहा जाता है। सरल शब्दों में कहें तो, वैरिकोज नसें मुख्य समस्या हैं और वैरिकोज एक्जिमा उसकी एक जटिलता या परिणाम है।

किन लोगों में ज्यादा खतरा होता है?

एनएचएस के अनुसार कुछ लोगों में इन समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है:

  • लंबे समय तक खड़े रहने वाले लोग
  • बढ़ती उम्र के लोग
  • गर्भवती महिलाएं
  • मोटापे से ग्रस्त लोग
  • जिनके परिवार में पहले से यह समस्या रही हो

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

यदि पैरों की नसें लगातार उभरती जा रही हैं, सूजन बढ़ रही है या टखनों के आसपास खुजली और त्वचा का रंग बदलने लगा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। वैरिकोज एक्जिमा का समय पर इलाज न होने पर पैरों में घाव बनने का खतरा बढ़ सकता है।

बचाव के लिए क्या करें?

  • नियमित रूप से चलना-फिरना
  • लंबे समय तक एक ही स्थिति में खड़े या बैठे न रहना
  • वजन नियंत्रित रखना
  • पैरों को समय-समय पर ऊंचा रखना
  • जरूरत पड़ने पर दबाव देने वाले विशेष मोजों का उपयोग करना

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।