
Jaw Pain and Heart Attack: जब किसी के जबड़े में अचानक दर्द (Jaw Pain) होता है, तो अक्सर लोग सोचते हैं कि दांत या मसूड़े की कोई समस्या होगी। वहीं अगर अचानक जी मिचलाने या उल्टी जैसा मन (Nausea) होने लगे, तो लोग उसे गैस, एसिडिटी या खराब खाने का असर मानकर टाल देते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस और डॉक्टर्स चेतावनी देते हैं कि अगर ये दोनों लक्षण अचानक और एक साथ दिखाई दें, तो इन्हें मामूली समझकर नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है।
हार्ट अटैक के दौरान हर मरीज को सीने में तेज और दबाने वाला दर्द महसूस हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार इसके संकेत बहुत छिपे हुए और अलग होते हैं। इसके पीछे एक खास वैज्ञानिक वजह है जिसे चिकित्सा विज्ञान में रेफर्ड पेन (Referred Pain) कहा जाता है। असल में, हमारे दिल (Heart) और उसके आसपास के अंगों जैसे जबड़ा, गर्दन, कंधा और हाथ की नसें (Nerve Pathways) आपस में एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। जब दिल की मांसपेशियों तक खून और ऑक्सीजन का दौरा कम या बंद होता है, तो दिल से निकलने वाले दर्द के सिग्नल्स को हमारा दिमाग गलती से जबड़े या कंधे का दर्द समझ लेता है। यही वजह है कि मरीज को मुख्य रूप से जबड़े में दर्द महसूस होने लगता है।
हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) डॉ. प्रशांत द्विवेदी बताते हैं, "हमारे पास कई बार ऐसे मरीज आते हैं जो जबड़े में दर्द या पेट की खराबी समझकर दवा ले रहे होते हैं, जबकि असल में उन्हें दिल का दौरा पड़ा होता है। सीने में बिना दर्द के आने वाले ऐसे हार्ट अटैक को हम साइलेंट या एटिपिकल हार्ट अटैक कहते हैं। अगर जबड़े के दर्द के साथ उल्टी जैसा मन हो, तो इसे हल्के में बिल्कुल न लें।"
डॉ. द्विवेदी के मुताबिक, महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज (शुगर) के मरीजों में हार्ट अटैक के ऐसे छिपे हुए लक्षण सबसे ज्यादा देखे जाते हैं। इसके अलावा 40 साल से अधिक उम्र के लोग, स्मोकिंग करने वाले, हाई बीपी और हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को भी बहुत सतर्क रहना चाहिए। यह दर्द जबड़े के बाएं, दाएं या दोनों तरफ हो सकता है।
डॉ. प्रशांत द्विवेदी की सीधी सलाह है कि गंभीर सीने के दर्द का इंतजार किए बिना तुरंत ये कदम उठाएं। चलना-फिरना, सीढ़ियां चढ़ना या कोई भी मेहनत का काम तुरंत रोक दें और शांति से बैठ जाएं या लेट जाएं। बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग या कार्डियक सेंटर से संपर्क करें। अगर लक्षण गंभीर हैं, तो खुद ड्राइव करके अस्पताल जाने का जोखिम बिल्कुल न लें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।