Heart Attack Risk After 40: कन्नड़ अभिनेता दिलीप राज की हार्ट अटैक से मौत के बाद कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कि 40 की उम्र के बाद दिल की बीमारी का खतरा क्यों बढ़ जाता है और शरीर पहले कौन से संकेत देता है?
Dileep Raj Heart Attack: कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता दिलीप राज का 47 साल की उम्र में अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उन्हें सीने में दर्द के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनकी अचानक मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर 40-50 की उम्र में फिट दिखने वाले लोग भी अचानक हार्ट अटैक का शिकार क्यों हो रहे हैं?
डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल गोरखपुर के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर रोहित गुप्ता ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि हार्ट अटैक अचानक जरूर लगता है, लेकिन इसकी शुरुआत कई साल पहले ही शरीर के अंदर हो चुकी होती है।
डॉक्टर गुप्ता बताते हैं कि दिल की धमनियों में धीरे-धीरे फैट और कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है। इसे प्लाक कहा जाता है। यह प्रक्रिया कई सालों तक बिना किसी लक्षण के चलती रहती है। खराब खानपान, तनाव, धूम्रपान, शराब, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कम नींद और एक्सरसाइज की कमी इसकी बड़ी वजहें हैं। जब यह प्लाक अचानक फटता है, तो वहां खून का थक्का बन जाता है और दिल तक खून पहुंचना बंद हो जाता है। यही स्थिति हार्ट अटैक बन जाती है।
डॉक्टर गुप्ता के मुताबिक, 40 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते शरीर कई सालों का तनाव और खराब लाइफस्टाइल झेल चुका होता है। ऑफिस का दबाव, कम नींद, बैठे-बैठे काम, बाहर का खाना, शराब और स्मोकिंग धीरे-धीरे दिल को कमजोर करने लगते हैं। कई लोगों में 30 की उम्र से ही नुकसान शुरू हो जाता है, लेकिन लक्षण 40 या 50 के बाद दिखाई देते हैं।
आजकल कई लोग बाहर से फिट दिखते हैं, लेकिन अंदर से उनकी धमनियों में फैट जमा हो चुका होता है। इसे Metabolically Unhealthy Normal Weight कहा जाता है। यानी व्यक्ति दुबला दिख सकता है, लेकिन उसके शरीर में सूजन, फैटी लिवर या दिल की बीमारी का खतरा मौजूद हो सकता है।
वो कहते हैं, हार्ट अटैक से पहले शरीर कई संकेत देता है, लेकिन लोग उन्हें सामान्य समझकर टाल देते हैं। जैसे:
अगर ये लक्षण बार-बार दिखें, तो तुरंत जांच करवानी चाहिए।
डॉक्टर का जांच को लेकर कहना है कि 40 की उम्र के बाद नियमित हार्ट चेकअप बेहद जरूरी है। ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल टेस्ट और हार्ट स्कैन समय पर कराने से खतरे को पहले ही पकड़ा जा सकता है। हार्ट अटैक अचानक नहीं होता, बल्कि शरीर कई सालों से उसके संकेत देता रहता है। जरूरत है उन्हें समय रहते समझने की।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।