
ज्यादा काम और खराब वर्क-लाइफ बैलेंस की प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- chatgtp)
Work Life Balance and Obesity: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग घंटों ऑफिस में बैठकर काम कर रहे हैं। देर रात तक लैपटॉप पर काम करना, तनाव में रहना और खुद के लिए समय न निकाल पाना अब आम बात हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही खराब वर्क-लाइफ बैलेंस धीरे-धीरे मोटापे की बड़ी वजह बन सकता है?
हाल ही में European Congress on Obesity 2026 में पेश की गई एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ज्यादा घंटे काम करने वाले लोगों में मोटापे का खतरा अधिक हो सकता है। यह स्टडी क्वींसलैंड विश्वविद्यालय (University of Queensland) की रिसर्चर डॉ प्रदीपा कोराले-गेदारा की टीम ने की। रिसर्च में 1990 से 2022 तक 33 देशों के काम करने के तरीके और मोटापे के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
रिसर्चर्स के मुताबिक, लंबे समय तक डेस्क पर बैठकर काम करने से लोगों के पास एक्सरसाइज करने का समय कम बचता है। इसके अलावा लगातार काम और तनाव की वजह से लोग ज्यादा जंक फूड खाने लगते हैं। तनाव बढ़ने पर शरीर में कॉर्टिसोल नाम का हार्मोन बढ़ता है, जो वजन बढ़ाने से जुड़ा माना जाता है।
यही वजह है कि कई लोग काम के दबाव में अनहेल्दी स्नैक्स, मीठी चीजें और फास्ट फूड ज्यादा खाने लगते हैं। डॉ प्रदीपा का कहना है कि जब लोगों की जिंदगी में संतुलन होता है, तो वे कम तनाव महसूस करते हैं, बेहतर खाना खाते हैं और शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकाल पाते हैं।
रिसर्च में पाया गया कि अमेरिका, मेक्सिको और कोलंबिया जैसे देशों में काम के घंटे ज्यादा हैं और वहां मोटापे की दर भी काफी अधिक है। साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में मोटापे की दर सबसे ज्यादा करीब 42 प्रतिशत रही, जबकि जापान में यह सबसे कम लगभग 5.5 प्रतिशत थी।
हालांकि वैज्ञानिकों ने साफ किया कि यह रिसर्च सिर्फ एक संबंध दिखाती है। इसका मतलब यह नहीं कि ज्यादा काम ही मोटापे की अकेली वजह है। रिसर्च में यह भी सामने आया कि जिन देशों की आर्थिक स्थिति बेहतर है, वहां मोटापे की दर कम देखी गई। इसके अलावा शहरों में रहने वाले लोगों में भी कुछ मामलों में मोटापा कम पाया गया।
वजन कंट्रोल रखने के लिए सिर्फ डाइट ही नहीं, बल्कि सही वर्क-लाइफ बैलेंस भी जरूरी है। अगर आप लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, तो बीच-बीच में चलना, नियमित एक्सरसाइज करना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव कम करना बेहद जरूरी है। क्योंकि सिर्फ ज्यादा काम करना ही सफलता नहीं है, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखना भी उतना ही जरूरी है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
13 May 2026 10:33 am
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
