स्वास्थ्य

Karwa Chauth Fasting Tips for Diabetes: डायबिटीज की मरीज हैं तो करवा चौथ व्रत रखने से पहले ब्रिटिश डायबिटीज एसोसिएशन से जान लें ये बातें

Safe Fasting Tips on Karwa Chauth: डायबिटीज (शुगर) के मरीजों के लिए करवा चौथ का व्रत रखना कितना सेफ है? ब्रिटिश डायबिटीज एसोसिएशन (Diabetes UK) और इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) से ब्लड शुगर और डिहाइड्रेशन से बचने के टिप्स।
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Updated: 27 Oct 2026, 5:18 PM IST
A woman with diabetes checking her blood sugar level using a glucometer during Karwa Chauth.
डायबिटीज के मरीजों को करवा चौथ के व्रत के दौरान अपने ब्लड शुगर लेवल का खास ख्याल रखना चाहिए- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Chatgpt)

Karwa Chauth Fasting Tips: करवा चौथ का त्योहार नजदीक है और सुहागन महिलाएं इसकी तैयारियों में जुट गई हैं। प्यार और समर्पण के इस पर्व पर हर महिला व्रत रखना चाहती है। लेकिन अगर आप डायबिटीज (शुगर) या ब्लड प्रेशर की मरीज हैं, तो मामला सिर्फ आस्था का नहीं बल्कि आपकी सेहत का भी है। डायबिटीज के मरीजों के लिए लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहना यानी बिना अन्न-जल के रहना खतरनाक साबित हो सकता है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) भी यह मानती हैं कि डायबिटीज में बिना सोचे-समझे उपवास रखने से ब्लड शुगर का लेवल अचानक बहुत नीचे (हाइपोग्लाइसीमिया) या ऊपर (हाइपरग्लाइसीमिया) जा सकता है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप भी शुगर की मरीज हैं और व्रत रखना चाहती हैं, तो कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह क्यों है जरूरी?

ब्रिटिश डायबिटीज एसोसिएशन (Diabetes UK) के अनुसार, अगर आप रोजाना इंसुलिन लेती हैं या शुगर कम करने वाली भारी दवाइयां खाती हैं, तो बिना डॉक्टर से पूछे एक पल के लिए भी भूखे न रहें। दवाइयों के असर और उपवास के दौरान शरीर में ग्लूकोज की कमी के कारण चक्कर आना, बेहोशी होना या गंभीर कमजोरी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। डॉक्टर आपकी सेहत की जांच करके यह तय करेंगे कि आपके लिए व्रत रखना सेफ है या नहीं और अगर आप रख रही हैं, तो दवाइयों का समय कैसे बदलना है।

शुगर और लो बीपी के मरीजों के लिए जरूरी सावधानियां

डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. विपुल अग्रवाल (MBBS, MD, FAGE, CPCDM, RSSDI) के मुताबिक, डायबिटीज और लो बीपी की मरीजों के लिए पानी के बिना रहना बहुत नुकसानदायक हो सकता है। अगर आप व्रत रख भी रही हैं, तो बीच-बीच में पानी, नींबू पानी या छाछ पीने की छूट डॉक्टर से जरूर तय कर लें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। सुबह की सरगी में ऐसी चीजें बिल्कुल न खाएं जो आपका शुगर लेवल एकदम से बढ़ा दें। सफेद ब्रेड, मीठी फेनी या मिठाइयों के बजाय प्रोटीन और फाइबर से भरपूर चीजें जैसे अंकुरित अनाज, अंडे, पनीर या दूध को शामिल करें, जो शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा दें। व्रत के पूरे दिन के दौरान अपनी ग्लूकोमीटर मशीन पास रखें और समय-समय पर अपना ब्लड शुगर चेक करती रहें। अगर शुगर लेवल बहुत ज्यादा गिर जाए या बढ़ जाए, तो व्रत तुरंत तोड़ देना ही समझदारी है।

व्रत के दौरान किन बातों का रखें खास ख्याल?

इस दिन घर के कामकाज में पूरा दिन खपने के बजाय आराम को प्राथमिकता दें। ज्यादा भागदौड़ करने से कमज़ोरी और लो बीपी की समस्या बढ़ सकती है।रात को चांद देखकर जब आप व्रत खोलें, तो एकदम से बहुत सारा मीठा या तला-भुना खाना खाने की गलती न करें। इससे आपका शुगर लेवल राकेट की तरह ऊपर भाग सकता है। व्रत की शुरुआत पानी और किसी हल्के फल से करें।

त्योहार जिंदगी की खुशी के लिए होते हैं, सेहत बिगाड़ने के लिए नहीं। करवा चौथ का व्रत आपकी श्रद्धा का प्रतीक है, लेकिन आपका शरीर और आपकी जान सबसे पहले आती है। अगर आपकी सेहत लंबे उपवास की इजाजत नहीं देती, तो बिना किसी गिल्ट के व्रत न रखें या डॉक्टर की सलाह से फलाहार वाला व्रत करें। याद रखिए, आपकी अच्छी सेहत ही आपके परिवार की सबसे बड़ी खुशी है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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