Kidney Failure: आजकल केवल लड़कियां ही नहीं, बल्कि लड़के भी अपने बालों को सीधा और चमकदार दिखाने के लिए हेयर ट्रीटमेंट लेते हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं, तो सावधान हो जाएं। आपकी सुंदर दिखने की यह चाहत आपकी किडनी को फेल कर सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि हेयर ट्रीटमेंट का किडनी फेल होने से क्या संबंध है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Kidney Failure: आजकल हर कोई सुंदर दिखना चाहता है और खासकर महिलाओं में यह चलन बहुत ज्यादा बढ़ा है कि अगर आपको सुंदर दिखना है, तो आपको ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर खर्च करना ही होगा। अब आप किसी भी महिला को देख लीजिए, अपने आप को सुंदर दिखाने के लिए वह नियमित रूप से प्रयास करती रहती है। कोई मेकअप पर लाखों खर्च करती है, तो कोई बालों को सीधा और चमकदार दिखाने के लिए निरंतर कोशिश करती रहती है।
लेकिन क्या आपको पता है कि आपके बालों को सुंदर दिखाने का यह चलन आपकी किडनी भी फेल कर सकता है? जी हां, अभी एक ऐसा ही मामला सामने आया है कि 17 साल की एक लड़की, जिसने थोड़े समय पहले ही अपने बालों को सीधा और चमकदार रखने के लिए हेयर-स्ट्रेटनिंग ट्रीटमेंट लिया था, उसे अस्पताल में निरंतर उल्टी और चक्कर आने के कारण भर्ती करना पड़ा। डॉक्टरों ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला था।
डॉक्टरों ने बताया कि इन लक्षणों का कारण यह था कि उसे 'एक्यूट किडनी फेलियर' हुआ था। हैरान करने वाली बात यह है कि 17 साल की उम्र में किडनी फेल होने का कारण हेयर-स्ट्रेटनिंग ट्रीटमेंट था। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि किस प्रकार बालों को सीधा और सुंदर दिखाने का चलन किडनी की बीमारी से जुड़ा हुआ है, किडनी फेल होने के शुरुआती लक्षण क्या हैं और किन बातों को ध्यान में रखकर आप इनसे बच सकते हैं।
प्रोफेसर लिंडा शावित (Prof. Linda Shavit) की एक रिसर्च के अनुसार, किडनी फेलियर के इस कारण का सीधा संबंध 'ग्लायोक्सिलिक एसिड' (Glyoxylic Acid) से होता है। हेयर स्ट्रेटनिंग क्रीम में ग्लायोक्सिलिक एसिड पाया जाता है। जब इसको हमारी खोपड़ी की त्वचा पर लगाया जाता है, तो वह उसे सोख लेती है। जब हमारी त्वचा इस एसिड को सोख लेती है, तो यह हमारे रक्त के माध्यम से हमारी किडनी में प्रवेश करता है और वहां पहुंचकर यह एसिड ऑक्सालेट में टूट जाता है। हमारी किडनी का काम ही शरीर की सफाई करना होता है। जब किडनी इसे रक्त से छानकर अलग करने की कोशिश करती है, तो ये क्रिस्टल हमारी किडनी की छोटी नलियों में फंस जाते हैं और हमारी किडनी एकदम से काम करना बंद कर देती है।
डॉक्टर संदीप जोशी के अनुसार, जब हमारी किडनी एकदम से काम करना बंद करती है, तो उससे पहले यह कुछ संकेत हमें जरूर देती है, लेकिन हम उन्हें टाल देते हैं। एक्यूट किडनी फेलियर के कुछ शुरुआती लक्षण निम्न हैं:
1. जी मिचलाना और उल्टी होना।
2. बहुत ज्यादा सिर दर्द और चक्कर आना।
3. पेशाब के रंग और मात्रा में बदलाव आना।
4. पीठ के निचले हिस्से, यानी किडनी के स्थान पर खिंचाव और दर्द महसूस होना।
किडनी विशेषज्ञ डॉ. एलोन बेनाया और प्रोफेसर शावित ने एक्यूट किडनी फेलियर से बचने के लिए कुछ उपाय बताए हैं, जो हर महिला और ड्रेसर को ध्यान में रखने चाहिए: