
Lisinopril Precautions: हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) आज करोड़ों लोगों की आम समस्या बन चुका है। इसे कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर अक्सर Lisinopril (ब्रांड नाम Zestril, Prinivil) जैसी दवा लिखते हैं। यह दवा ब्लड प्रेशर कम करने के साथ-साथ हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक के बाद मरीजों की रिकवरी में भी मदद कर सकती है।
लेकिन क्या सिर्फ रोज दवा लेना ही काफी है? Mayo Clinic, NHS और NCBI के अनुसार, Lisinopril लेते समय कुछ जरूरी सावधानियां रखना बेहद जरूरी है, ताकि दवा का पूरा फायदा मिले और साइड इफेक्ट का खतरा कम हो।
कई लोग ब्लड प्रेशर सामान्य आते ही दवा लेना बंद कर देते हैं। लेकिन Mayo Clinic के मुताबिक, ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। भले ही आपका BP कंट्रोल में दिख रहा हो, इसका मतलब यह नहीं कि बीमारी खत्म हो गई है। दवा अचानक बंद करने से ब्लड प्रेशर फिर बढ़ सकता है और हार्ट से जुड़ी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।
अगर Lisinopril शुरू करने के कुछ दिनों या हफ्तों बाद लगातार सूखी खांसी आने लगे, तो इसे सामान्य न समझें। NHS के अनुसार, यह इस दवा का एक जाना-पहचाना साइड इफेक्ट हो सकता है। अगर खांसी लगातार बनी रहे और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, तो डॉक्टर से बात करें। बिना सलाह के दवा बदलने की कोशिश न करें।
Mayo Clinic बताती है कि दवा शुरू करने के शुरुआती दिनों में कुछ लोगों को चक्कर या हल्का सिर घूमने जैसा महसूस हो सकता है, क्योंकि दवा ब्लड प्रेशर कम करती है। ऐसे में बिस्तर या कुर्सी से धीरे-धीरे उठें और अगर बार-बार चक्कर आएं तो डॉक्टर को जरूर बताएं।
NCBI और NHS के अनुसार, Lisinopril शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ा सकती है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना पोटैशियम सप्लीमेंट या पोटैशियम युक्त सॉल्ट सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल न करें। ज्यादा पोटैशियम दिल की धड़कन पर असर डाल सकता है।
हालांकि यह दुर्लभ है, लेकिन Mayo Clinic के अनुसार Lisinopril लेने वाले कुछ लोगों में Angioedema नाम की गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है। इसमें चेहरे, होंठ, जीभ या गले में सूजन आ सकती है और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखें तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानते हुए तुरंत अस्पताल जाएं।
Mayo Clinic के अनुसार, Lisinopril ACE Inhibitor समूह की दवा है, जो रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करके ब्लड प्रेशर कम करने में मदद करती है। NHS का कहना है कि दवा का सबसे अच्छा असर तभी मिलता है जब इसे रोज एक ही समय पर लिया जाए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच कराई जाए।
वहीं NCBI के अनुसार, Lisinopril लेने वाले मरीजों में समय-समय पर किडनी फंक्शन और पोटैशियम लेवल की जांच की जा सकती है, खासकर अगर मरीज को किडनी की बीमारी, डायबिटीज या दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हों। अगर आप Lisinopril ले रहे हैं और किसी भी नए लक्षण या साइड इफेक्ट का अनुभव कर रहे हैं, तो दवा बंद करने के बजाय अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।