
Male Hypogonadism Symptoms: पुरुषों के शरीर को तंदुरुस्त, ऊर्जावान रखने में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) नाम के हार्मोन का सबसे बड़ा हाथ होता है। इसे पुरुषों का मुख्य सेक्स हार्मोन भी कहा जाता है। जब शरीर में इस हार्मोन का स्तर सामान्य से कम हो जाता है, तो इस स्थिति को मेडिकल भाषा में मेल हाइपोगोनेडिज्म (Male Hypogonadism) या लो-टी (Low-T) कहा जाता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक, टेस्टोस्टेरोन कम होने का असर इंसान के मूड, ऊर्जा, हड्डियों और मांसपेशियों की ताकत को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। आइए समझते हैं कि टेस्टोस्टेरोन कम होने पर शरीर क्या-क्या संकेत देता है और इसका सेहत पर क्या असर पड़ता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, टेस्टोस्टेरोन हार्मोन पुरुषों के अंडकोष (Testicles) में बनता है। यह हार्मोन पुरुषों में दाढ़ी-मूंछ आने, आवाज भारी होने, मांसपेशियों की मजबूती, हड्डियों के घनत्व (density) और स्पर्म (शुक्राणु) बनने के लिए जिम्मेदार होता है। जब अंडकोष या दिमाग का वह हिस्सा जो टेस्टोस्टेरोन बनाने का सिग्नल देता है (पिट्यूटरी ग्लैंड), सही से काम नहीं करता, तो शरीर में इस हार्मोन की कमी होने लगती है। इसी कमी को हाइपोगोनेडिज्म कहते हैं। उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन का थोड़ा कम होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर यह बहुत तेजी से गिरता है तो शरीर में कई तरह के बदलाव दिखने लगते हैं।
जब शरीर में टेस्टोस्टेरोन का लेवल गिरता है, तो इसके लक्षण अलग-अलग तरीकों से सामने आते हैं। इन लक्षणों को हम मुख्य रूप से तीन हिस्सों में समझ सकते हैं;
डॉक्टरों के अनुसार मेल हाइपोगोनेडिज्म के कारण दो तरह के हो सकते हैं;
अगर आपको ऊपर दिए गए लक्षण लंबे समय से महसूस हो रहे हैं, तो इसे छुपाने या नजरअंदाज करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। डॉक्टर एक साधारण ब्लड टेस्ट (Serum Testosterone Test) के जरिए खून में टेस्टोस्टेरोन के स्तर की जांच करते हैं। यह टेस्ट अक्सर सुबह के समय किया जाता है क्योंकि सुबह टेस्टोस्टेरोन का लेवल सबसे ज्यादा होता है। अगर रिपोर्ट में हार्मोन कम आता है, तो डॉक्टर टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) की सलाह दे सकते हैं। यह थेरेपी जेल, पैच, इंजेक्शन या गोलियों के रूप में दी जाती है। संतुलित आहार लेना, नियमित रूप से वजन उठाना (वेट ट्रेनिंग), तनाव कम करना, 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेना और वजन को काबू में रखना टेस्टोस्टेरोन के स्तर को प्राकृतिक रूप से सुधारने में बहुत मदद करता है।
यदि आपको हर वक्त थकान रहती है, इच्छा में कमी आ रही है या मूड बहुत ज्यादा बदल रहा है, तो खुद से कोई भी सप्लीमेंट या दवाई लेने की गलती न करें। तुरंत किसी योग्य डॉक्टर (एंडोक्रोलॉजिस्ट या यूरोलॉजिस्ट) से मिलें। सही जांच और डॉक्टरी सलाह से इस समस्या का आसानी से समाधान किया जा सकता है।