स्वास्थ्य

Lupus Symptoms: हमेशा थकान और जोड़ों में दर्द? कहीं यह ऑटोइम्यून बीमारी ल्यूपस तो नहीं, NHS से समझें लक्षण

Lupus Cause: ल्यूपस एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो शरीर के अंगों और ऊतकों को प्रभावित करती है। एनएचएस से जानें ल्यूपस के बार-बार होने वाले हमलों (Flare-ups) को कैसे रोकें और इस बीमारी के लक्षण क्या-क्या होते हैं?
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Jun 24, 2026
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धूप में रहने से ल्यूपस के लक्षण अचानक बढ़ जाते हैं।- प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

Lupus Symptoms Hindi: आजकल की भागदौड़ में बदन टूटना, थकान होना या घुटने-हाथों में दर्द होना बहुत आम बात है। हम लोग अक्सर सोचते हैं कि काम का प्रेशर ज्यादा है या कमजोरी आ गई है, इसलिए ऐसा हो रहा है। लेकिन अगर यह थकान महीनों तक पीछा न छोड़े और जोड़ों का दर्द ठीक ही न हो, तो थोड़ा संभलने की जरूरत है।

यह ल्यूपस (Lupus) नाम की बीमारी का इशारा हो सकता है। एनएचसस का भी यही मानना है कि इसके लक्षणों को अगर सही समय पर पहचान लिया जाए, तो इस बीमारी को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।

क्या होती है ल्यूपस बीमारी?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ल्यूपस एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो शरीर के अंगों और ऊतकों को नुकसान पहुंचाती है। हमारे शरीर के अंदर एकइम्यून सिस्टम या रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। इसका काम होता है बाहर से आने वाली बीमारियों और कीटाणुओं से लड़कर हमारे शरीर को बचाना। लेकिन ल्यूपस होने पर यह हमारे खुद के ही शरीर के अंगों, जैसे स्किन, जोड़ों, किडनी या दिल पर हमला करने लगती है। इसी वजह से शरीर के अंदर सूजन आ जाती है और दर्द रहने लगता है।

ल्यूपस के लक्षण क्या होते हैं?

  • ऐसी थकान जो जाए ही न।
  • जोड़ों में दर्द और जकड़न।
  • चेहरे पर तितली जैसा लाल निशान।
  • धूप से दिक्कत होना।
  • तेजी से बाल झड़ना
  • मुंह के छाले होना।
  • उंगलियों के रंग में बदलाव आना।

यह बीमारी क्यों और किसे होती है?

  • घरेलू इतिहास (Genetics)।
  • औरतों को ज्यादा खतरा।
  • बहुत ज्यादा तनाव या धूप।
  • कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण।

ल्यूपस के बार-बार होने वाले हमलों को कैसे रोका जा सकता है?

  • बहुत धूप में रहने से बचें।
  • शारीरिक रूप से एक्टिव रहें।
  • पूरी नींद लें और टेंशन से बचें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
24 Jun 2026 03:46 pm