
Malaise Hindi: सुबह सोकर उठने के बाद भी शरीर टूटा-टूटा सा लगता है? न तो बुखार है, न ही जुकाम और न ही कोई साफ बीमारी फिर भी दिनभर शरीर में एक अजीब सी बेचैनी, सुस्ती और कमजोरी छाई रहती है? हम इसे काम का तनाव, नींद की कमी या मौसम का असर मानकर टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना किसी स्पष्ट बीमारी के भी शरीर में लगातार बनी रहने वाली इस सुस्ती और अस्वस्थता की भावना को मेडिकल साइंस में मलेज (Malaise) कहा जाता है? यह कोई अपने आप में बीमारी नहीं है, बल्कि यह इस बात का पहला अलर्ट सिग्नल है कि आपके शरीर के अंदर कुछ न कुछ गड़बड़ चल रही है। मरीज हफ्तों तक इस सुस्ती को नजरअंदाज करते रहते हैं और जब पानी सिर से ऊपर निकल जाता है, तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के मुताबिक, मलेज शरीर की एक ऐसी स्थिति है जहां व्यक्ति सामान्य महसूस नहीं करता और लगातार ऊर्जा की कमी बनी रहती है। सीधा सा गणित है हमारा शरीर जब किसी भी अंदरूनी इंफेक्शन, न्यूट्रिशन की कमी या मानसिक तनाव से जूझ रहा होता है, तो सबसे पहले मलेज के रूप में ही अपनी प्रतिक्रिया देता है। आइए जानते हैं कि इसके पीछे के कारण क्या हैं और कब यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है।
वेबएमडी (WebMD) के अनुसार, मलेज अचानक या धीरे-धीरे विकसित हो सकता है। देखा जाए तो इसके पीछे केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि कई जीवनशैली और मानसिक कारण भी जिम्मेदार होते हैं;
राहत की बात यह है कि लाइफस्टाइल में थोड़ा सुधार करने, भरपूर नींद लेने और खानपान सही करने से 2-3 दिनों में मलेज की समस्या अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन सावधान रहें यदि यह थकान 7 से 10 दिनों से ज्यादा समय तक लगातार बनी रहे या इसके साथ नीचे दिए गए लक्षण भी दिखाई देने लगें, तो बिना देर किए डॉक्टर से चेकअप करवाएं;