Aam Khane Ke Fayde: क्या हाई बीपी में आम खाना खतरनाक है? जानें 'DASH Diet' का वो सच जो डॉक्टर्स बताते हैं। आम खाने का सही समय और तरीका जानकर आप भी अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल कर सकते हैं।
Best Time to Eat Mango: गर्मियों की शुरुआत होते ही बाजार में 'फलों के राजा' आम की खुशबू महकने लगती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) से जूझ रहे करोड़ों भारतीयों के लिए आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि एक 'हेल्थ डिबेट' का विषय है? अक्सर लोग इसे मीठा समझकर परहेज करते हैं, लेकिन विज्ञान कुछ और ही कहता है।
हाल ही में 'Journal of Agricultural and Food Chemistry' में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, आम में मौजूद 'पॉलीफेनोल्स' और 'मैग्नीशियम' रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को आराम देने में मदद करते हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है इसका पोटैशियम। एक औसत आम में लगभग 500-600 मिलीग्राम पोटैशियम होता है। शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ने पर यह किडनी को अतिरिक्त सोडियम (नमक) बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे ब्लड प्रेशर प्राकृतिक रूप से कम होने लगता है।
दुनिया भर के कार्डियोलॉजिस्ट DASH Diet (Dietary Approaches to Stop Hypertension) की सलाह देते हैं। यह डाइट प्लान मुख्य रूप से उन खाद्य पदार्थों पर जोर देता है जिनमें पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम भरपूर हो।
DASH डाइट के अनुसार, एक व्यक्ति को दिन में 4-5 सर्विंग्स फलों की लेनी चाहिए। आम फाइबर का बेहतरीन स्रोत है जो कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है। यदि आप आम को 'एडेड शुगर' या भारी भोजन के साथ नहीं, बल्कि एक Standalone स्नैक की तरह लेते हैं, तो यह DASH डाइट के मानदंडों पर खरा उतरता है।
दिल्ली के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) डॉ. अनिल मेहता बताते हैं "लोग अक्सर आम को इसलिए छोड़ देते हैं क्योंकि वह मीठा है, लेकिन बीपी के मरीजों के लिए असली विलेन 'सोडियम' है। आम में सोडियम न के बराबर है। अगर आप दिन भर में एक मध्यम आकार का आम (बिना दूध या चीनी मिलाए) खाते हैं, तो यह आपकी नसों के लचीलेपन को बेहतर बनाता है। बस ध्यान रहे, 'मैंगो शेक' के बजाय फल को काटकर खाना ज्यादा फायदेमंद है।"
डॉक्टरों के अनुसार, आम का पूरा फायदा लेने के लिए इसे खाने से पहले कम से कम 1 घंटा पानी में भिगोकर रखना जरूरी है, ताकि इसकी 'फाइटिक एसिड' निकल जाए। हाई बीपी और शुगर के मरीज इसे भोजन के साथ खाने के बजाय मिड-मील स्नैक (सुबह 11 या शाम 4 बजे) के तौर पर लें। मैंगो शेक या जूस के बजाय फल को चबाकर खाना बेहतर है, ताकि इसका फाइबर नसों को रिलैक्स कर सके।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।