स्वास्थ्य

Measles outbreak : सिर्फ बुखार और दाने नहीं, शरीर की याददाश्त ही मिटा देता है यह वायरस! क्या कोरोना के बाद अब खसरा बनेगा नई महामारी?

Measles outbreak : खसरा फिर दुनिया में फैल रहा है। जानिए Measles के लक्षण, खतरे, इम्यूनिटी पर असर और टीकाकरण क्यों है सबसे जरूरी बचाव।

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Jan 23, 2026
Measles outbreak (photo- gemini ai)

Measles outbreak 2026: खसरा (Measles) एक ऐसी बीमारी है, जिसे हम लोग लगभग भुला चुके थे। लेकिन अब यह बीमारी दुनिया के कई देशों में फिर से सिर उठा रही है, यहां तक कि अमेरिका और मैक्सिको जैसे विकसित देशों में भी। खबरें हैं कि अमेरिका 2026 में अपना खसरा-मुक्त दर्जा खो सकता है। यही खतरा मैक्सिको पर भी मंडरा रहा है। यह स्थिति पूरी दुनिया के लिए चेतावनी है।

खसरा इतना संक्रामक वायरस है कि एक व्यक्ति से कई लोगों में बहुत तेजी से फैल सकता है। अंतरराष्ट्रीय यात्रा के कारण यह वायरस एक देश से दूसरे देश में आसानी से पहुंच सकता है, ठीक वैसे ही जैसे कोरोना फैला था।

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आखिर खसरा क्यों लौट रहा है?

पिछले कई सालों से MMR वैक्सीन (खसरा, कण्ठमाला, रूबेला) बच्चों को सुरक्षित रखती आई है। इस वैक्सीन से न सिर्फ टीका लगवाने वाला बच्चा सुरक्षित रहता है, बल्कि समाज में हर्ड इम्युनिटी भी बनी रहती है। लेकिन कोरोना महामारी के बाद कई देशों में बच्चों का नियमित टीकाकरण छूट गया। अस्पतालों पर बोझ बढ़ा, लोग डर के कारण बाहर नहीं निकले और लाखों बच्चों को समय पर टीके नहीं लग पाए।

भारत में भी इसका असर दिखा। 2022 के अंत तक देश में 32 हजार से ज्यादा खसरे के संदिग्ध और पक्के मामले सामने आए। महाराष्ट्र, केरल, झारखंड और गुजरात सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। अनुमान है कि महामारी के दौरान करीब 30 लाख भारतीय बच्चे खसरे का टीका नहीं लगवा पाए।

खसरा सिर्फ दाने नहीं है

लोग सोचते हैं कि खसरा बस बुखार और लाल चकत्ते हैं, लेकिन असल खतरा इससे कहीं ज्यादा है। डॉक्टर इसे इम्यून मेमोरी को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारी मानते हैं। खसरा शरीर की उस याददाश्त को मिटा देता है, जो दूसरी बीमारियों से लड़ने में मदद करती है। इसका मतलब यह है कि खसरे से ठीक होने के बाद भी बच्चा अगले 2-3 साल तक दूसरी बीमारियों का आसान शिकार बन सकता है।

खसरे के लक्षण क्या हैं?

खसरा आमतौर पर सर्दी-जुकाम जैसा शुरू होता है और बाद में बुखार, खांसी, नाक बहना और आंखों में जलन हो सकता है। 2-3 दिन बाद मुंह के अंदर छोटे सफेद दाने दिख सकते हैं। इसके बाद शरीर पर लाल चकत्ते निकलते हैं, जो सिर से शुरू होकर पूरे शरीर में फैल जाते हैं।

बचाव का सबसे मजबूत तरीका

MMR वैक्सीन की दो खुराकें जीवनभर सुरक्षा देती हैं। अगर आपको याद नहीं कि टीका लगा है या नहीं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर दोबारा टीका लगवाना सुरक्षित है।

क्यों जरूरी है सतर्क रहना?

खसरा हमें याद दिलाता है कि टीकाकरण सिर्फ व्यक्तिगत फैसला नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है। अगर हम लापरवाही बरतेंगे, तो सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को होगा।

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Published on:
23 Jan 2026 06:06 pm
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