स्वास्थ्य

45 डिग्री की गर्मी और मुंह के छालों का कहर! आजमाएं डॉक्टर के बताए ये 5 घरेलू नुस्खे

Mouth Ulcer In Summer: गर्मियों के मौसम में शरीर में पानी की कमी और पेट की गर्मी के कारण मुंह के छाले एक आम समस्या बन जाते हैं। यह लेख आपको बताता है कि आखिर ये छाले बार-बार क्यों होते हैं और कैसे घरेलू नुस्खों व सही खान-पान की मदद से आप इस दर्दनाक चुभन से राहत पा सकते हैं।

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Apr 28, 2026
Mouth Ulcer In Summer
Mouth Ulcer In Summer (Image- gemini)

Mouth Ulcer In Summer: कल्पना कीजिए… बाहर सूरज आग उगल रहा है, तापमान 45 डिग्री के पार है और आपको जोरों की प्यास लगी है। आप फ्रिज से ठंडे पानी की बोतल निकालते हैं, लेकिन जैसे ही पहला घूंट लेते हैं, ऐसा लगता है मानो मुंह में किसी ने सौ सुइयां चुबा दी हों। वे पसंदीदा तीखे गोलगप्पे या मसालेदार सब्जी, जिसे देखकर कभी मुंह में पानी आता था, आज उसे देखते ही डर लगने लगा है।

यह सिर्फ एक मामूली छाला नहीं है, बल्कि आपके शरीर का एक अलार्म है। जब हमारा पेट अंदरूनी गर्मी को संभाल नहीं पाता, तो उसका असर हमारे मुंह में छालों के रूप में दिखाई देता है। अक्सर हम इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह छोटी सी चुभन आपकी पूरी दिनचर्या और खाने का स्वाद बिगाड़ सकती है। आइए डॉक्टर परमेश्वर अरोड़ा (आयुर्वेदिक विशेषज्ञ) से जानते हैं कि कैसे घरेलू नुस्खों से छालों को कम किया जा सकता है।

मुंह में बार-बार छाले क्यों होते हैं? (Causes)

  • पाचन तंत्र में खराबी या पेट में गर्मी बढ़ जाना।
  • शरीर में विटामिन B-12, फोलिक एसिड और आयरन की कमी होना।
  • गर्मी में पर्याप्त पानी नहीं पीना।
  • ज्यादा तीखा और गरम खाना।
  • तनाव और नींद की कमी होना।

आराम के लिए अपनाएं ये उपाय

  • छालों पर बर्फ का एक छोटा टुकड़ा धीरे-धीरे रगड़ें।
  • शहद में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर छालों पर लगाएं।
  • शुद्ध नारियल तेल को छालों पर लगाने से जलन कम होती है।
  • अपनी डाइट में दही, छाछ और नारियल पानी शामिल करें।
  • गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर कुल्ला करें।

मुंह के छाले (Mouth Ulcers) किन बिमारियों का संकेत हो सकते हैं?

  • पाचन तंत्र की बीमारियां (Digestive Disorders)।
  • सीलिएक रोग (Celiac Disease)।
  • डायबिटीज (Diabetes)।
  • मुंह का कैंसर (Oral Cancer)।
  • विटामिन और मिनरल्स की कमी।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
28 Apr 2026 04:25 pm