
Jaggery Benefits: नवरात्रि के उपवास शुरू होते ही अमूमन हम सब चाय, फलाहारी मिठाइयों और काढ़े में रिफाइंड चीनी की जगह बेझिझक गुड का इस्तेमाल करने लगते हैं। दिल में तसल्ली रहती है कि प्राकृतिक मीठा है, तो सेहत को सिर्फ फायदा ही पहुंचेगा और दिनभर एनर्जी बनी रहेगी। बहरहाल, क्या आपने कभी सोचा है कि व्रत के दौरान खाली पेट ज्यादा गुड़ खाना आपकी सेहत और ब्लड शुगर के साथ कैसा खेल खेल सकता है? जिसे हम सुपरफूड स्वीटनर मानकर आंख मूंदकर खा रहे हैं, उसके बारे में ये बात भी जानना जरुरी है कि सेहत के लिए कितना फायदेमंद है। आइए हेल्थलाइन और साइंस डायरेक्ट से जानते हैं कि इसके सेहत के लिए क्या-क्या फायदे है?
गुड़ और चीनी दोनों का मुख्य जरिया गन्ना या खजूर का रस ही है। सफेद चीनी बनाते समय उसमें से गाढ़ा पौष्टिक शीरा (Molasses) पूरी तरह निकाल दिया जाता है, जिससे उसमें केवल एम्प्टी कैलोरीज (बिना पोषक तत्वों वाली कैलोरी) बचती हैं। दूसरी ओर, गुड़ बनाते समय इस न्यूट्रिएंट-रिच पार्ट को हटाया नहीं जाता। यही वजह है कि गुड़ में पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन और मैंगनीज जैसे मिनरल्स बचे रहते हैं। लेकिन सावधान रहें, सिर्फ इस वजह से इसे अनलिमिटेड खाने की छूट नहीं मिल जाती।
हेल्थलाइन के मुताबिक, 100 ग्राम गुड़ में आपको ये पोषक तत्व मिलते हैं;
गुड़ में आयरन होता है। एक चम्मच (लगभग 20 ग्राम) गुड़ से शरीर को दैनिक जरूरत का करीब 12% आयरन मिलता है। लेकिन सिर्फ आयरन पाने के चक्कर में ज्यादा गुड़ खाना नुकसानदेह है, क्योंकि इसके साथ भारी मात्रा में कैलोरी भी पेट में जाती है।
हमारे यहां भोजन के बाद गुड़ खाने की पुरानी परंपरा है। हालांकि, स्वास्थ्य शोधकर्ताओं के अनुसार गुड़ में फाइबर या पानी की मात्रा लगभग शून्य होती है। इसलिए इसका पाचन पर कोई सीधा ठोस चिकित्सकीय प्रमाण नहीं है।
कोई भी खाद्य पदार्थ लीवर को जादुई रूप से साफ नहीं करता। हमारा लीवर प्राकृतिक रूप से शरीर के विषाक्त पदार्थों को खुद बाहर निकालने में सक्षम है।
डायबिटिक मरीजों के लिए गुड़ भी चीनी जितना ही खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह रक्त में शर्करा का स्तर तेजी से बढ़ाता है। व्रत के दौरान अत्यधिक गुड़ के सेवन से दैनिक कैलोरी इनटेक बढ़ जाता है, जिससे वजन बढ़ सकता है।
नवरात्रि के उपवास में सफेद चीनी की जगह सीमित मात्रा (1 से 2 छोटे चम्मच) में गुड़ का इस्तेमाल करना बेशक एक बेहतर विकल्प है। लेकिन यह बात गांठ बांध लें कि गुड़ कोई औषधि नहीं बल्कि एक मीठा विकल्प ही है। शरीर को ऊर्जावान रखने के लिए केवल गुड़ पर निर्भर रहने के बजाय पर्याप्त पानी, ताजे फल और मखाने जैसी संतुलित चीजों को अपनी व्रत डाइट में शामिल करें।