Nipah Virus: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामले सामने आए हैं। जानिए निपाह वायरस कैसे फैलता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचाव के जरूरी उपाय।
Nipah Virus:निपाह वायरस (Nipah Virus) एक बेहद खतरनाक संक्रमण है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में यह वायरस बार-बार सामने आता रहा है। फिलहाल पश्चिम बंगाल में निपाह के मामले सामने आने के बाद यह फिर से चर्चा में है। निपाह वायरस मुख्य रूप से फ्रूट बैट (चमगादड़) से फैलता है, खासकर जब इंसान उनके संपर्क में आए या उनके द्वारा दूषित खाना खाए।
इंफेक्शियस डिजीज एक्सपर्ट डॉ. नेहा मिश्रा बताती हैं कि निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी संक्रमण फैल सकता है, खासकर जब करीबी संपर्क हो। यही वजह है कि यह बीमारी बहुत तेजी से फैलने का खतरा रखती है।
निपाह वायरस की पहचान पहली बार 1998 में हुई थी। इसके बाद भारत, बांग्लादेश, मलेशिया और फिलीपींस जैसे देशों में इसके मामले सामने आए। इसका सबसे बड़ा स्रोत फ्रूट बैट्स हैं। जब लोग कच्चा खजूर का रस (डेट पाम सैप) पीते हैं या ऐसे फल खाते हैं, जिन पर चमगादड़ों की लार या पेशाब लगी हो, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. नेहा मिश्रा कहती हैं कि कई बार निपाह वायरस की शुरुआत में कोई खास लक्षण नहीं दिखते। इससे बीमारी की पहचान देर से होती है और संक्रमण दूसरों तक फैल सकता है।
शुरुआत में निपाह वायरस के लक्षण आम वायरल बुखार जैसे ही होते हैं, जैसे तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द , गले में खराश कुछ मरीजों को खांसी और सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। कुछ ही दिनों में यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस) हो सकती है। इसके लक्षण हैं
इसी वजह से निपाह वायरस को बहुत खतरनाक माना जाता है।
भारत में निपाह वायरस के कई मामले सामने आ चुके हैं। केरल का 2018 का प्रकोप खास तौर पर याद किया जाता है, जहां समय पर जांच, आइसोलेशन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग से हालात को काबू में किया गया। अब वही मॉडल दूसरे राज्यों में अपनाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
निपाह वायरस की मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक रही है, जो इसे और भी खतरनाक बनाती है। फिलहाल न तो इसका कोई पक्का टीका है और न ही कोई खास दवा। इलाज सिर्फ सपोर्टिव केयर पर आधारित होता है। कुछ दवाओं पर रिसर्च चल रही है, लेकिन अभी कोई ठोस इलाज उपलब्ध नहीं है।
डॉ. नेहा मिश्रा के अनुसार, निपाह वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका सावधानी है। कच्चा खजूर का रस न पिएं। चमगादड़ों द्वारा खाए गए फल न खाएं। हाथों की सफाई का ध्यान रखें। बीमार व्यक्ति के संपर्क से बचें। अगर बुखार, खांसी या सांस की तकलीफ जैसे लक्षण दिखें और निपाह प्रभावित इलाके में रहे हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।