Obesity and Kidney Disease: मोटापा आपकी किडनी को प्रभावित करता है। ऐसे में यह किडनी रोग का मुख्य कारण माना जाता है। इससे ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल भी प्रभावित होता है।
Obesity and Kidney Disease: मोटापा हार्ट, डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों का कारण बनता है। ऐसे में ये आज के समय में एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। इसका असर आपकी किडनी पर भी देखने को मिलता है। ये किडनी के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। किडनी हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। लेकिन मोटापे के कारण किडनी (Obesity and Kidney Disease) धीरे-धीरे खराब हो सकती है। ऐसे में आज हम इस लेख में जानेंगे की कैसे मोटापा किडनी को प्रभावित करता है साथ ही इसके बचाव उपाय क्या हो सकते हैं।
जब हमारा शरीर अत्यधिक वजन उठाता है, तो किडनी पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है। मोटापे का सीधा प्रभाव किडनी (Obesity and Kidney Disease) पर पड़ता है। मोटापे के कारण शरीर में हाई ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल भी बढ़ जाता है, जो किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप किडनी में इन्फ्लेमेशन (सूजन) और धीरे-धीरे किडनी फेल्योर (किडनी का काम करना बंद कर देना) जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
हाई ब्लड प्रेशर: मोटे व्यक्तियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है, जो किडनी के नलिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे किडनी का काम धीरे-धीरे खराब होता है।
डायबिटीज: उच्च शुगर स्तर किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है और इसके काम को धीमा कर सकता है। मोटापा डायबिटीज का एक प्रमुख कारण है।
पानी और मिनरल्स का असंतुलन: शरीर में अतिरिक्त वजन और मोटापा किडनी द्वारा तरल पदार्थों और मिनरल्स को संतुलित करने में समस्याएं उत्पन्न करता है।
वसा संचय: अधिक वसा और फैट किडनी के आसपास जमा हो जाते हैं, जिससे किडनी की कार्यक्षमता पर दबाव पड़ता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।