स्वास्थ्य

Obesity hypoventilation syndrome: दिनभर थकान और सांस फूल रही है? मोटापे से जुड़ी ये बीमारी हो सकती है

क्या मोटापे के साथ दिनभर थकान और सांस फूलने की समस्या है? जानिए क्लीवलैंड क्लिनिक और ERS के आधार पर Obesity Hypoventilation Syndrome (OHS) के कारण, लक्षण और इलाज।
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Sep 29, 2026
obesity experiencing daytime fatigue and breathing difficulty due to hypoventilation syndrome
मोटापे के साथ दिनभर थकान Obesity Hypoventilation Syndrome हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Obesity Hypoventilation Syndrome: आज के समय में बढ़ता हुआ मोटापा सिर्फ कपड़ों की फिटिंग या शारीरिक बनावट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारे शरीर के अंदरूनी तंत्र को भी गहराई से प्रभावित करता है। कई बार अधिक वजन वाले लोग थोड़ा सा चलने पर सांस फूलने, दिनभर बहुत ज्यादा सुस्ती रहने और रात में खर्राटे लेने की समस्या से जूझते हैं। अक्सर इसे सिर्फ वजन बढ़ने की सामान्य थकान मानकर छोड़ दिया जाता है। यह सिर्फ थकान नहीं बल्कि ओबेसिटी हाइपोवेंटिलेशन सिंड्रोम (Obesity Hypoventilation Syndrome - OHS) नाम की बीमारी का संकेत हो सकता है। इसे कभी-कभी पिकविकियन सिंड्रोम (Pickwickian Syndrome) भी कहा जाता है। आइए समझें कि यह सिंड्रोम क्या है, यह हमारे फेफड़ों को कैसे प्रभावित करता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

ओबेसिटी हाइपोवेंटिलेशन सिंड्रोम (OHS) आखिर क्या है?

यूरोपियन रेस्पिरेटरी रिव्यू (European Respiratory Review - ERS) के मेडिकल डेटा के अनुसार, जब शरीर में मोटापा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो सीने और पेट के आसपास जमा फैट फेफड़ों पर भारी दबाव डालने लगता है। इस दबाव की वजह से जब इंसान सांस लेता है, तो उसके फेफड़े पूरी तरह से फैल नहीं पाते और गहरी सांस नहीं ले पाते। जब फेफड़े सही तरीके से काम नहीं कर पाते, तो शरीर में दो मुख्य गड़बड़ियां होती हैं, खून तक पर्याप्त मात्रा में ताजी ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और सांस छोड़ते समय जो जहरीली कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस बाहर निकलनी चाहिए, वह पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाती और खून में जमा होने लगती है। जब खून में ऑक्सीजन कम और कार्बन डाइऑक्साइड ज्यादा हो जाती है, तो शरीर के सभी अंग सही से काम करना बंद कर देते हैं और व्यक्ति दिनभर थका-थका महसूस करता है।

इसके मुख्य लक्षण क्या दिखाई देते हैं?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) OHS के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें पहचान नहीं पाते। इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • दिनभर बहुत ज्यादा नींद और थकावट।
  • थोड़ी सी मेहनत में सांस फूलना।
  • रात में तेज खर्राटे लेना।
  • सुबह उठते ही सिर में दर्द होना।
  • पैरों और टखनों में सूजन आना।
  • ध्यान केंद्रित करने में परेशानी लगना।

OHS होने के मुख्य कारण क्या हैं?

1.सीने पर भारी दबाव- छाती और पेट पर जमा अत्यधिक वसा (फैट) फेफड़ों और सांस लेने वाली मांसपेशियों (डायफ्राम) को नीचे से दबाती है, जिससे फेफड़े पूरी हवा नहीं खींच पाते।

2. दिमाग के सिग्नल में रुकावट- हमारे दिमाग में एक सांस नियंत्रण केंद्र (Brain’s Respiratory Center) होता है, जो शरीर को सांस लेने का संदेश भेजता है। अत्यधिक मोटापे और खून में बढ़े हुए CO2 के कारण दिमाग का यह सिस्टम सुस्त हो जाता है और वह फेफड़ों को तेजी से सांस लेने का सिग्नल नहीं भेज पाता।

यह स्थिति कितनी खतरनाक हो सकती है?

अगर समय रहते ओबेसिटी हाइपोवेंटिलेशन सिंड्रोम का इलाज न कराया जाए, तो यह केवल सांस की तकलीफ तक सीमित नहीं रहता। यह शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है;

  • पल्मोनरी हाइपरटेंशन।
  • हार्ट फेलियर (Right-sided Heart Failure)।
  • हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक।

डॉक्टर इसकी पहचान और इलाज कैसे करते हैं?

अगर किसी व्यक्ति का BMI (बॉडी मास इंडेक्स) 30 या उससे अधिक है और उसमें ऊपर बताए गए लक्षण दिख रहे हैं, तो डॉक्टर कुछ खास जांचें करते हैं;

  • आर्टेरियल ब्लड गैस (ABG) टेस्ट।
  • स्लीप स्टडी (Polysomnography)।
  • लंग फंक्शन टेस्ट (PFT)।

इलाज के प्रभावी तरीके क्या-क्या हैं?

  • पैप थेरेपी (CPAP या BiPAP मशीन)- मरीज को सोते समय मुंह या नाक पर एक खास मास्क लगाना होता है। यह मशीन दबाव के साथ हवा फेफड़ों तक पहुंचाती है, जिससे सांस की नली खुली रहती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकल जाती है।
  • वजन कम करना- वजन घटाना इस बीमारी का सबसे स्थाई इलाज है। संतुलित आहार, हल्की एक्सरसाइज और डॉक्टर की सलाह से वजन कम करने पर फेफड़ों से दबाव कम होने लगता है। गंभीर मामलों में 'बेरिएट्रिक सर्जरी' की मदद भी ली जाती है।
  • जीवनशैली में बदलाव- शराब और नींद की गोलियों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए क्योंकि ये सांस लेने की प्रक्रिया को और धीमा कर देती हैं।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर आपका वजन ज्यादा है और आपको दिन में बहुत ज्यादा नींद आती है, सुबह सिरदर्द रहता है या थोड़ा चलने पर ही सांस फूलने लगती है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। तुरंत किसी पल्मोनोलॉजिस्ट (फेफड़ों के डॉक्टर) या स्लीप स्पेशलिस्ट से सलाह लें। सही समय पर सीपैक (CPAP) मशीन का इस्तेमाल और वजन पर नियंत्रण पाकर इस गंभीर बीमारी से पूरी तरह राहत पाई जा सकती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
29 Sept 2026 01:51 pm
Published on:
29 Sept 2026 01:51 pm
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