
Occupational Asthma Symptoms: जब हम रोजाना काम पर या अपनी नौकरी पर जाते हैं, तो सोचते हैं कि वहां हमारी सेहत सुरक्षित रहेगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस जगह पर आप काम करते हैं, वहां की हवा भी आपको बीमार कर सकती है? क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, केमिकल्स या तेज गंध की वजह से फेफड़ों में होने वाली सांस की बीमारी को ऑक्यूपेशनल अस्थमा (Occupational Asthma) यानी कार्यस्थल से जुड़ा दमा कहते हैं।अक्सर लोग इसे मौसम बदलने की वजह से होने वाली साधारण एलर्जी या खांसी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर आपकी सांस फूलने या खांसी की दिक्कत सिर्फ काम के दौरान या ऑफिस में ही ज्यादा बढ़ती है, तो इसे बिल्कुल भी हलके में न लें। आइए समझते हैं कि ऑक्यूपेशनल अस्थमा क्या है, यह किन नौकरियों में ज्यादा होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
मेयो क्लिनिक के मुताबिक, ऑक्यूपेशनल अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जो आपकी नौकरी या काम करने वाली जगह (वर्कप्लेस) की वजह से होती है या फिर वहां के माहौल में जाकर और ज्यादा बढ़ जाती है। जब आप रोज ऐसी जगह काम करते हैं जहां हवा में कुछ खास तरह के बारीक कण, धूल, केमिकल्स या गैस मौजूद होती हैं, तो सांस लेते वक्त ये आपके फेफड़ों में चले जाते हैं। धीरे-धीरे हमारा इम्यून सिस्टम इनके खिलाफ रिएक्ट करने लगता है, जिससे सांस की नलियों में सूजन आ जाती है, वे सिकुड़ जाती हैं और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।
वैसे तो यह समस्या किसी भी धूल-धक्कड़ या केमिकल वाली जगह काम करने से हो सकती है, लेकिन कुछ पेशे ऐसे हैं जहां इसका जोखिम बहुत ज्यादा रहता है;
अगर आपको लगता है कि आपकी नौकरी की वजह से आपकी सेहत बिगड़ रही है, तो इन बातों का ध्यान रखकर आप खुद को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं;