
Onycholysis Symptoms: कई बार ऐसा होता है कि हमारा नाखून अपनी नॉर्मल गुलाबी जगह से हटकर नीचे की उंगली की स्किन से छूटने या अलग होने लगता है। इस दिक्कत को मेडिकल भाषा में ओनिकोलिसिस कहते हैं। होता यह है कि नाखून और उंगली की त्वचा के बीच थोड़ी सी जगह खाली हो जाती है। उस खाली गैप में हवा, पानी या हल्की धूल-मिट्टी चली जाती है, जिसकी वजह से नाखून का वो हिस्सा सफेद, पीला या कभी-कभी हल्का हरा दिखने लगता है। यह परेशानी सिर्फ हाथों के साथ-साथ पैरों के नाखूनों में भी हो सकती है। शुरुआत में इसमें कोई खास दर्द नहीं होता, इसलिए ज्यादातर लोग इसे देखकर भी अनदेखा कर देते हैं। लेकिन अगर इस पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो उस खाली जगह में नमी की वजह से फंगस या इन्फेक्शन फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि इसके कारण और बचाव के क्या उपाय हैं?
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इसके पीछे कई अंदरूनी और बाहरी कारण हो सकते हैं;
डर्मनेट के अनुसार, कोशिश करें कि आपके नाखून ज्यादा देर तक पानी में न डूबे रहें। घर का कोई भी गीला काम करते वक्त हाथों में ग्लव्स पहनें। जो हिस्सा स्किन से अलग हो चुका है, उसे नेल क्लिपर से काटते रहें ताकि वह किसी कपड़े में फंसकर और ज्यादा न फटे। एसीटोन वाले रिमूवर और नकली नेल्स का इस्तेमाल बंद कर दें। नाखूनों और क्यूटिकल्स पर हल्का सा नारियल या बादाम का तेल लगाएं ताकि वे सूखे और बेजान न हों।
अगर आपके एक से ज्यादा नाखूनों में यह दिक्कत तेजी से फैल रही है, या फिर नाखून के आसपास पस (मवाद), सूजन और तेज दर्द शुरू हो गया है, तो घर पर इलाज करने के बजाय तुरंत किसी अच्छे स्किन डॉक्टर (डर्मेटोलॉजिस्ट) को दिखाएं।