स्वास्थ्य

ORS Danger Side Effects : इलेक्ट्रॉल पीने से मौत के मुंह में पहुंचा शख्स, डॉक्टर ने चेताया, बोला- ORS पीने वाले ना करें ये गलती

ORS Danger Side Effects : इलेक्ट्रॉल ओआरएस सबसे भरोसेमंद है। ये विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के फॉर्मूला पर तैयार है। इसके बावजूद भी यह एक मरीज के लिए जानलेवा बना गया। हालांकि, डॉक्टर ने मरीज की जान बचा ली पर उन्होंने बताया कि कैसे फायदा पहुंचाने वाला ओआरएस उनके एक मरीज को मार देता। अगर […]
2 min read
Feb 17, 2026
ORS Side Effects, Real Story, A Doctor said A harmless packet of WHO ORS almost killed my patient, ORS Danger Side Effects,
असम के डॉ. प्रियम बोरदालोई की फाइल फोटो / Photo- x.com/DocPriyamMD

ORS Danger Side Effects : इलेक्ट्रॉल ओआरएस सबसे भरोसेमंद है। ये विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के फॉर्मूला पर तैयार है। इसके बावजूद भी यह एक मरीज के लिए जानलेवा बना गया। हालांकि, डॉक्टर ने मरीज की जान बचा ली पर उन्होंने बताया कि कैसे फायदा पहुंचाने वाला ओआरएस उनके एक मरीज को मार देता। अगर आप भी डिहायड्रेशन होने पर ओआरएस का सेवन करते हैं तो ये रियल स्टोरी आपको पढ़नी चाहिए।

असम के डॉ. प्रियम बोरदालोई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर बताया कि कल की मेरी ईआर (ER) नाइट शिफ्ट में एक मामला देखने को मिला। मेरे एक मरीज ने इलेक्ट्रॉल का सेवन किया था जिसके बाद उसकी हालात मरने जैसी हो गई थी। वह मरीज गंभीर मांसपेशियों की कमजोरी, घबराहट और मुंह के आसपास सुन्नपन की शिकायत के साथ मेरे ईआर में आया।

उसको मामूली दस्त हुए और फिर लोकल स्तर के झोलाछाप डॉक्टर ने सलाह दे दिया कि ओआरएस (ORS) पी लो। हालांकि, अक्सर डिहायड्रेशन होने पर लोग इस तरह की सलाह देते हैं।

ओआरएस पीने से क्यों पहुंचा नुकसान?

वो कहते हैं कि क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से जूझ रहे एक मरीज को, जिसे पहले भी 'हाइपरकेलेमिया' (शरीर में पोटेशियम का बढ़ा हुआ स्तर, पिछला स्तर 5.3) की समस्या रह चुकी थी, मामूली दस्त हुए। एक नीम हकीम की सलाह थी: "हाइड्रेटेड रहने के लिए बस WHO ORS पी लो।"

इन लोगों के लिए 'मौत' है ओआरएस

दरसअल, पोटेशियम का स्तर: 6.4 mEq/L अत्यधिक खतरनाक माना जाता है। बता दें, WHO ORS में प्रति लीटर 20 mEq/L पोटेशियम होता है। अगर किडनी का मरीज सेवन कर ले तो उसकी स्थिति गंभीर हो सकती है। क्योंकि, जिस मरीज की किडनी इस पोटेशियम भार को शरीर से बाहर नहीं निकाल सकती, उसके लिए यह एक 'मौत' के समान है।

डॉक्टर ने ये भी बताया कि यही कारण है आपको छद्म विज्ञान (Pseudoscience) फैलाने वाले इन्फ्लुएंसर्स या तथाकथित 'हेल्थ गुरुओं' से चिकित्सा सलाह नहीं लेनी चाहिए। एक प्रिस्क्रिप्शन के पीछे के "क्यों" को समझने के लिए 9-10 साल की कड़ी एमडी (MD) ट्रेनिंग लगती है। हमेशा एक प्रमाणित डॉक्टर से परामर्श लें। आपका जीवन सचमुच इसी पर निर्भर है।

Updated on:
17 Feb 2026 04:40 pm
Published on:
17 Feb 2026 04:40 pm