स्वास्थ्य

Autophony: कान में अपनी ही आवाज गूंजती हुई क्यों सुनाई देती है? जॉन हॉपकिंस मेडिसिन से जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

Autophony Cause: क्या कान में अपनी ही आवाज गूंजती है या सांस की आवाज सुनाई देती है? जॉन हॉपकिंस मेडिसिन और स्टैनफोर्ड हेल्थ केयर के अनुसार जानिए इसके पीछे की वजह पैट्युलस यूस्टेशियन ट्यूब डिस्फंक्शन और इससे राहत पाने के उपाय।
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Updated: 30 Oct 2026, 11:50 AM IST
Close-up of a person holding their ear due to autophony and echoing symptoms caused by Patulous Eustachian Tube Dysfunction.
कान में अपनी ही आवाज गूंजने की समस्या (Autophony) कई बार पैट्युलस यूस्टेशियन ट्यूब डिस्फंक्शन की वजह से हो सकती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Autophony Symptoms: कभी-कभी शांत कमरे में बैठते ही ऐसा महसूस होता है कि आपकी अपनी ही आवाज किसी खोखले ड्रम या बैरल की तरह गूंजकर आपके ही कानों में वापस लौट रही है। स्टैनफोर्ड हेल्थ केयर के अनुसार, अपनी सांस लेने की आवाज या चबाते वक्त जबड़ों की आवाज भी बहुत तेज और अजीब लगने लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा अक्सर होता है, तो इसे सामान्य थकान या कान में मैल जमने की समस्या समझने की भूल न करें। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को पैट्युलस यूस्टेशियन ट्यूब डिस्फंक्शन (Patulous Eustachian Tube Dysfunction) कहा जाता है।

क्या होती है यूस्टेशियन ट्यूब और यह बीमारी क्यों घेरती है?

जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, हमारे कान का मध्य भाग (Middle Ear) गले और नाक के पिछले हिस्से से एक बेहद बारीक नली द्वारा जुड़ा होता है, जिसे यूस्टेशियन ट्यूब (Eustachian Tube) कहते हैं। इस ट्यूब का मुख्य काम कान के पर्दे के दोनों तरफ हवा के दबाव को बराबर रखना और नमी को बाहर निकालना है। आमतौर पर यह ट्यूब बंद रहती है और केवल निगलने या जम्हाई लेने के वक्त ही खुलती है। लेकिन जब किसी वजह से यह ट्यूब सामान्य स्थिति के उलट हमेशा या जरूरत से ज्यादा खुली रह जाती है, तो हवा का सीधा रास्ता नाक और गले से होते हुए सीधे कान के पर्दे तक पहुंच जाता है। स्टैनफोर्ड हेल्थ केयर की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, इस खुली हुई ट्यूब के कारण इंसान को अपनी ही आवाज, सांस और शरीर के अंदरूनी मूवमेंट बेहद तेज और गूंजते हुए सुनाई देने लगते हैं।

किन कारणों से होती है यह समस्या?

  • अचानक और तेज वजन घटना।
  • एलर्जी और सर्दी-जुकाम।
  • एसिड रिफ्लक्स (GERD)।
  • हार्मोनल बदलाव।

बचाव के लिए क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं?

  • दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • नाक में नमी बनाए रखें।
  • सिर नीचे झुकाकर राहत पाएं।

अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है और आपके रोजमर्रा के काम या बातचीत में बाधा डाल रही है, तो किसी अच्छे ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ से मिलकर जांच जरूर करवाएं। नेसल एंडोस्कोपी या टिमपेनोमेट्री टेस्ट से इसकी सही स्थिति का पता लगाया जा सकता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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