
Autophony Symptoms: कभी-कभी शांत कमरे में बैठते ही ऐसा महसूस होता है कि आपकी अपनी ही आवाज किसी खोखले ड्रम या बैरल की तरह गूंजकर आपके ही कानों में वापस लौट रही है। स्टैनफोर्ड हेल्थ केयर के अनुसार, अपनी सांस लेने की आवाज या चबाते वक्त जबड़ों की आवाज भी बहुत तेज और अजीब लगने लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा अक्सर होता है, तो इसे सामान्य थकान या कान में मैल जमने की समस्या समझने की भूल न करें। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को पैट्युलस यूस्टेशियन ट्यूब डिस्फंक्शन (Patulous Eustachian Tube Dysfunction) कहा जाता है।
जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, हमारे कान का मध्य भाग (Middle Ear) गले और नाक के पिछले हिस्से से एक बेहद बारीक नली द्वारा जुड़ा होता है, जिसे यूस्टेशियन ट्यूब (Eustachian Tube) कहते हैं। इस ट्यूब का मुख्य काम कान के पर्दे के दोनों तरफ हवा के दबाव को बराबर रखना और नमी को बाहर निकालना है। आमतौर पर यह ट्यूब बंद रहती है और केवल निगलने या जम्हाई लेने के वक्त ही खुलती है। लेकिन जब किसी वजह से यह ट्यूब सामान्य स्थिति के उलट हमेशा या जरूरत से ज्यादा खुली रह जाती है, तो हवा का सीधा रास्ता नाक और गले से होते हुए सीधे कान के पर्दे तक पहुंच जाता है। स्टैनफोर्ड हेल्थ केयर की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, इस खुली हुई ट्यूब के कारण इंसान को अपनी ही आवाज, सांस और शरीर के अंदरूनी मूवमेंट बेहद तेज और गूंजते हुए सुनाई देने लगते हैं।
अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है और आपके रोजमर्रा के काम या बातचीत में बाधा डाल रही है, तो किसी अच्छे ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ से मिलकर जांच जरूर करवाएं। नेसल एंडोस्कोपी या टिमपेनोमेट्री टेस्ट से इसकी सही स्थिति का पता लगाया जा सकता है।