स्वास्थ्य

नसों में ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है चलते समय पैरों में दर्द या ऐंठन, मेयो क्लिनिक से जानिए क्या है Peripheral Artery

Peripheral Artery Disease Cause: नसों में ब्लॉकेज के लक्षण, कारण और बचाव क्या हो सकते हैं, मेयो क्लिनिक के हवाले से जानिए।
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Updated: 14 Jul 2026, 3:56 PM IST
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चलते समय पैरों में दर्द या ऐंठन होना सिर्फ थकान नहीं, बल्कि नसों में ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Peripheral Artery Disease Symptoms: अक्सर जब हम थोड़ा ज्यादा पैदल चल लेते हैं या सीढ़ियां चढ़ते हैं, तो पैरों में दर्द या ऐंठन होने लगती है। हम इसे मामूली थकान या कमजोरी समझकर गर्म पानी से पैर धो लेते हैं या कोई पेनकिलर खाकर सो जाते हैं। लेकिन अगर यह दर्द हर बार चलने पर होता है और आराम करने पर ठीक हो जाता है, तो सावधान हो जाइए। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, यह केवल थकान नहीं है। यह PAD (Peripheral Artery Disease) यानी पैरों की नसों में ब्लॉकेज का एक बड़ा संकेत हो सकता है। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है और इसे पहचानना क्यों जरूरी है।

क्या है PAD (नसों में ब्लॉकेज)?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (पीएडी) एक आम बीमारी है। यह दुनिया भर में 2 करोड़ से अधिक लोगों को प्रभावित करती है। जैसे हमारे दिल की नसों में ब्लॉकेज होने से हार्ट अटैक का खतरा रहता है, वैसे ही जब हमारे पैरों तक खून पहुंचाने वाली नसों (Arteries) में रुकावट आ जाती है, तो उसे PAD कहते हैं।

जब इन नसों के अंदर फैट या कोलेस्ट्रॉल (Plaque) जमा हो जाता है, तो नसें सिकुड़ जाती हैं। इसके कारण पैरों की मांसपेशियों तक जरूरत के मुताबिक खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता। जब हम बैठते हैं तो पैरों को कम खून की जरूरत होती है, इसलिए दर्द नहीं होता। लेकिन जैसे ही हम चलना शुरू करते हैं, मांसपेशियों को ज्यादा खून चाहिए होता है और नसें ब्लॉक होने के कारण वो मिल नहीं पाता नतीजा होता है तेज दर्द और ऐंठन।

दर्द को कैसे पहचानें?

  • चलने पर दर्द, रुकने पर आराम।
  • पैरों का ठंडा पड़ना।
  • पैरों के बालों का झड़ना।
  • त्वचा का रंग बदलना।
  • घाव का न भरना।

किन लोगों को इसका खतरा सबसे ज्यादा है?

  • स्मोकिंग (धूम्रपान) करने वाले।
  • डायबिटीज (शुगर) के मरीज।
  • हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल।
  • 50 साल से अधिक उम्र के लोगों में इसका रिस्क बढ़ जाता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
14 Jul 2026, 3:56 PM IST
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