
Plagiocephaly Symptoms: क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि कुछ छोटे शिशुओं के सिर का पिछला या एक तरफ का हिस्सा थोड़ा चपटा या चिपटा सा दिखाई देता है? जब घर में नया मेहमान आता है, तो अक्सर बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि बच्चे का सिर गोल बनाने के लिए उसे राई का तकिया लगाना चाहिए या सिर की सही मालिश करनी चाहिए। इसको प्लेगियोसेफली (Plagiocephaly या Flat Head Syndrome) कहा जाता है। नवजात बच्चों की खोपड़ी (Skull) बहुत ही मुलायम और लचीली होती है। जन्म के शुरुआती कुछ महीनों में जब बच्चा एक ही तरफ या पीठ के बल लगातार लेटा रहता है, तो सिर पर एक जगह लगातार दबाव पड़ने से वह हिस्सा चपटा हो जाता है। यह कोई बीमारी नहीं है और न ही इससे बच्चे के दिमाग के विकास पर कोई बुरा असर पड़ता है। फिर भी, माता-पिता के मन में इसे लेकर कई तरह के डर और सवाल रहते हैं। चलिए समझते हैं कि प्लेगियोसेफली क्या है, यह क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, प्लेगियोसेफली का मतलब है बच्चे के सिर के आकार का असमान या चपटा हो जाना। जब शिशु के सिर के किसी एक हिस्से पर लगातार भारी दबाव पड़ता है, तो वह हिस्सा गोल रहने के बजाय चपटा हो जाता है। यह मुख्य रूप से दो तरह का होता है, पोजीशन (Positional Plagiocephaly) जिसमें सिर का पिछला हिस्सा या कोई एक साइड चपटी हो जाती है। जब बच्चा लेटा होता है, तो उसका सिर अक्सर एक ही तरफ झुका रहता है। ब्रेकीसेफली (Brachycephaly) में बच्चे के सिर का पूरा पिछला हिस्सा समान रूप से चपटा हो जाता है और सिर पीछे से चौड़ा दिखाई देने लगता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, बच्चे के सिर में बदलाव को आप घर पर ही बहुत आसानी से देखकर पहचान सकते हैं;
प्लेगियोसेफली होने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जिनमें से मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं;
अगर समय रहते ध्यान दिया जाए, तो बिना किसी बड़ी दवा या सर्जरी के सिर्फ बच्चे की पोजीशन बदलकर ही सिर को वापस गोल आकार दिया जा सकता है। इसके लिए ये आसान उपाय अपनाएं;
ज्यादातर मामलों में जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, बैठना और रेंगना (Crawl) सीखता है, उसके सिर का आकार अपने आप ठीक होने लगता है। लेकिन अगर आपको नीचे दी गई बातें महसूस हों, तो डॉक्टर से सलाह लें;