स्वास्थ्य

Plantar Warts: चलते समय तलवों में दर्द और त्वचा पर उभरी गांठ, जानें प्लांटर वार्ट्स के लक्षण

Plantar Warts Cause: क्या आपके पैर के तलवों में चुभन, दर्द या सख्त गांठ है? मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें Plantar Warts के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय, साथ ही कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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Sep 09, 2026
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तलवों में दर्द और गांठ किस कारण से होती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Plantar Warts Symptoms: क्या आपके पैर के तलवे में कोई सख्त गांठ या उभरा हुआ हिस्सा बन गया है, जिस पर वजन पड़ते ही तीखा दर्द होता है? अमूमन लोग इसे सामान्य गट्टा (Callus) समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर घर में ही ब्लेड-नेल कटर से काटने की भूल कर बैठते हैं। अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो रुक जाइए। यह साधारण त्वचा की समस्या नहीं, बल्कि प्लांटर वार्ट्स (Plantar Warts) यानी पैर के तलवों के मस्से हो सकते हैं। प्लांटर वार्ट्स पैर के निचले हिस्से, खासकर एड़ी या पंजों (Balls of the feet) पर होते हैं। जब हम चलते हैं, तो शरीर का पूरा वजन इन्हीं हिस्सों पर पड़ता है, जिससे ये मस्से बाहर निकलने के बजाय अंदर की ओर धंसने लगते हैं। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

प्लांटर वार्ट्स के मुख्य लक्षण

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर आपको पैर के तलवे में नीचे दिए गए बदलाव महसूस हो रहे हैं, तो यह प्लांटर वार्ट्स का संकेत हो सकता है;

  • सख्त और खुरदरी गांठ।
  • छोटे काले बिंदु (Wart Seeds)।
  • चलने-फिरने में दर्द।
  • मोटे गुच्छे बनना।

यह समस्या क्यों और कैसे होती है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, प्लांटर वार्ट्स होने का मुख्य कारण ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) का इंफेक्शन है। जब पैर के तलवे की त्वचा में कोई छोटा-सा कट, खरोंच या गीलापन होता है, तो यह वायरस त्वचा की ऊपरी परत के जरिए शरीर में दाखिल हो जाता है। यह वायरस नमी और गर्माहट वाली जगहों पर बहुत तेजी से पनपता है। जैसे:

  • पब्लिक स्विमिंग पूल के आसपास नंगे पैर घूमना।
  • जिम, चेंजिंग रूम या कॉमन शावर में बिना चप्पल के जाना।
  • किसी संक्रमित व्यक्ति के जूते, मोजे, तौलिया या नेल कटर का इस्तेमाल करना।
  • यह वायरस काफी संक्रामक होता है।

प्लांटर वार्ट्स से बचाव और सावधानियां

  • नंगे पैर न चलें।
  • पैरों को सूखा और साफ रखें।
  • मस्से को छुएं या खरोचें नहीं।
  • तौलिया, जूते-मोजे या फुटकेयर टूल्स किसी दूसरे के साथ साझा न करें।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

वैसे तो कई बार सही देखभाल से और शरीर की इम्युनिटी मजबूत होने पर ये मस्से धीरे-धीरे खुद खत्म हो जाते हैं। हालांकि, अगर आपको मस्से में से खून आ रहा हो, दर्द इतना बढ़ गया हो कि चलने में दिक्कत हो रही हो, या अगर आपको डायबिटीज (Diabetes) या इम्युनिटी से जुड़ी कोई बीमारी है, तो बिना देरी किए किसी त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) या फुट स्पेशलिस्ट (Podiatrist) से सलाह लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
09 Sept 2026 08:56 am