Pravina Deshpande Death News: टीवी और फिल्म अभिनेत्री के निधन के बाद मल्टीपल मायलोमा चर्चा में है। जानें यह ब्लड कैंसर क्या होता है, इसके लक्षण, कारण, जोखिम और इलाज की पूरी जानकारी आसान भाषा में।
Pravina Deshpande Death News: टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री Pravina Deshpande का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। 60 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई में अंतिम सांस ली। उन्होंने कई लोकप्रिय टीवी शोज जैसे Ghar Ek Mandir और Kumkum में अपनी शानदार एक्टिंग से लोगों का दिल जीता। फिल्मों में भी उन्होंने Jalebi और Ready जैसी फिल्मों में काम किया। वह पिछले कई सालों से Mumbai में मल्टीपल मायलोमा नाम की गंभीर बीमारी का इलाज करवा रही थीं।
एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शुरुआत में उनके शरीर पर छोटे-छोटे दाने निकलने लगे थे, जो धीरे-धीरे बढ़ते गए। उस समय उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। बाद में जांच में ब्लड कैंसर का पता चला। उन्होंने The Times of India को बताया था कि इलाज के पहले दौर के बाद उन्हें अचानक बहुत तेज कमर दर्द होने लगा। इसके बाद उन्हें फिर से इलाज शुरू करना पड़ा। उन्होंने कीमोथेरेपी करवाई और बोन मैरो ट्रांसप्लांट भी कराया। इस मुश्किल समय में उनके पति और परिवार ने उनका पूरा साथ दिया।
मल्टीपल मायलोमा एक तरह का ब्लड कैंसर है, जो हड्डियों के अंदर बनने वाले बोन मैरो को प्रभावित करता है। हमारे शरीर में प्लाज्मा सेल नाम की सफेद रक्त कोशिकाएं होती हैं, जो संक्रमण से लड़ती हैं। लेकिन इस बीमारी में ये कोशिकाएं तेजी से और गलत तरीके से बढ़ने लगती हैं और हड्डियों में ट्यूमर बना देती हैं। इससे हड्डियों में दर्द, कमजोरी, बार-बार संक्रमण और किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बीमारी का पूरी तरह इलाज नहीं है, लेकिन सही इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है और मरीज लंबे समय तक सामान्य जीवन जी सकता है। यह जानकारी Cleveland Clinic भी बताती है।
इस बीमारी का सटीक कारण अभी पूरी तरह साफ नहीं है। माना जाता है कि शरीर की कोशिकाओं में बदलाव या म्यूटेशन इसकी वजह बनते हैं। कुछ चीजें इसका खतरा बढ़ा सकती हैं।
मल्टीपल मायलोमा के लक्षण धीरे-धीरे दिखते हैं, जैसे हड्डियों में लगातार दर्द (खासकर पीठ में), कमजोरी और थकान, बार-बार बीमार पड़ना, हाथ-पैरों में झनझनाहट, अचानक वजन कम होना, मतली और उल्टी होना शामिल है। अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। समय पर पहचान होने से इलाज ज्यादा असरदार होता है।