स्वास्थ्य

Pre-Diabetes के संकेत जो Diabetes बनने से पहले शरीर देता है, CDC और ADA से जानिए इसके शुरुआती लक्षण

Diabetes Symptoms: बार-बार प्यास लगना, थकान, बार-बार पेशाब आना या धुंधला दिखना? CDC, ADA और Mayo Clinic के अनुसार जानिए प्री-डायबिटीज के शुरुआती लक्षण, जांच और डायबिटीज से बचाव के उपाय।
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Jun 27, 2026
Pre-Diabetes Symptoms Diabetes Symptoms Type 2 Diabetes
हर 3 में से 1 व्यक्ति को हो सकता है Pre-Diabetes (photo- freepik)

Pre-Diabetes Symptoms: क्या आपको बार-बार प्यास लगती है, बिना ज्यादा मेहनत किए भी थकान महसूस होती है या बार-बार पेशाब जाने की जरूरत पड़ती है? ज्यादातर लोग इन लक्षणों को मौसम, तनाव या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार ये संकेत बताते हैं कि आपका ब्लड शुगर सामान्य से ऊपर जाने लगा है और आप प्री-डायबिटीज की अवस्था में हो सकते हैं।

Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, अमेरिका में हर तीन में से एक वयस्क को प्री-डायबिटीज है, लेकिन अधिकांश लोगों को इसका पता ही नहीं होता। अच्छी बात यह है कि इस अवस्था में समय रहते पहचान और जीवनशैली में बदलाव करके टाइप 2 मधुमेह के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि प्रीडायबिटीज क्या है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और कब जांच करानी चाहिए।

प्रीडायबिटीज क्या है?

American Diabetes Association (ADA) के अनुसार, प्रीडायबिटीज वह स्थिति है जिसमें ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक होता है, लेकिन इतना नहीं बढ़ा होता कि उसे डायबिटीज कहा जाए। इसे शरीर की एक चेतावनी भी माना जाता है। अगर इस समय खानपान और जीवनशैली में बदलाव नहीं किए जाएं, तो आगे चलकर टाइप 2 मधुमेह होने का खतरा बढ़ सकता है।

प्री-डायबिटीज के शुरुआती संकेत

  1. बार-बार प्यास लगना- अगर आपको सामान्य से ज्यादा प्यास लग रही है, तो यह बढ़ते ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है।
  2. बार-बार पेशाब आना- जब खून में शुगर बढ़ती है, तो शरीर अतिरिक्त शुगर को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। इससे बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है।
  3. बिना वजह थकान महसूस होना- शरीर की कोशिकाएं जब ग्लूकोज का सही इस्तेमाल नहीं कर पातीं, तो शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती और थकान महसूस हो सकती है।
  4. ज्यादा भूख लगना- खाना खाने के कुछ समय बाद ही फिर से भूख लगना भी एक संकेत हो सकता है।
  5. धुंधला दिखाई देना- ब्लड शुगर बढ़ने से आंखों के लेंस पर असर पड़ सकता है, जिससे कुछ समय के लिए धुंधला दिखाई दे सकता है।
  6. घाव का देर से भरना- यदि छोटे घाव या कट लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहे हैं, तो इसकी जांच करानी चाहिए।
  7. गर्दन, बगल या कमर के आसपास त्वचा का काला पड़ना- ADA के अनुसार, गर्दन, बगल या कमर के आसपास त्वचा का मोटा और काला होना (Acanthosis Nigricans) इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है, जो प्री-डायबिटीज से जुड़ा हो सकता है।

किन लोगों में प्री-डायबिटीज का खतरा ज्यादा होता है?

आजकल की बिगड़ती लाइफस्टाइल में प्री-डायबिटीज का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। CDC और ADA के मुताबिक, उन लोगों में इसका जोखिम सबसे ज्यादा होता है जिनका वजन सामान्य से अधिक है या जो शारीरिक रूप से एक्टिव नहीं रहते। इसके अलावा, अगर आपके परिवार में पहले से किसी को डायबिटीज रही है, या आपकी उम्र 35 साल या उससे ज्यादा हो चुकी है, तो आपको ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। हाई ब्लड प्रेशर, महिलाओं में पीसीओएस (PCOS) की समस्या या प्रेग्नेंसी के दौरान रही शुगर (Gestational Diabetes) भी इसके खतरे को काफी हद तक बढ़ा देती है।

पहचान और जांच के तरीके

प्री-डायबिटीज को समय रहते पकड़ने के लिए डॉक्टर कुछ खास ब्लड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इनमें मुख्य रूप से फास्टिंग ब्लड शुगर (सुबह खाली पेट की जांच), 'HbA1c टेस्ट' (पिछले 3 महीनों का औसत शुगर लेवल) और 'ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट' शामिल हैं। इन जांचों की रिपोर्ट से ही डॉक्टर यह सटीक अंदाजा लगा पाते हैं कि आपका ब्लड शुगर लेवल अभी सामान्य है, प्री-डायबिटीज की स्टेज पर है या फिर स्थिति डायबिटीज तक पहुंच चुकी है।

बचाव के आसान उपाय

राहत की बात यह है कि प्री-डायबिटीज को समय रहते रिवर्स किया जा सकता है और टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को टाला जा सकता है। इसके लिए आपको अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे पर जरूरी बदलाव करने होंगे। रोज कम से कम 30 मिनट की वॉक या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें और अपने वजन को कंट्रोल में रखें। खाने में मीठी चीजें, कोल्ड ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड को बाय-बाय कहें और उनकी जगह साबुत अनाज, ताजे फल, हरी सब्जियां और प्रोटीन से भरपूर संतुलित डाइट लें। साथ ही, भरपूर नींद लें, तनाव से बचें और समय-समय पर अपनी जांच कराते रहें।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

यदि आपको लंबे समय से बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, धुंधला दिखाई देना, लगातार थकान या घाव देर से भरने जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो स्वयं अनुमान लगाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। समय पर जांच से प्री-डायबिटीज की पहचान हो सकती है और आगे चलकर डायबिटीज के खतरे को कम किया जा सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
27 Jun 2026 01:49 pm