
Prostate Cancer : प्रोस्टेट कैंसर के मामले पुरुषों में बढ़ते जा रहे हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research) भी बता चुका है कि यह उन टॉप 10 कैंसर में शामिल है, जो पुरुषों में तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं, प्रोस्टेट कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकतर पुरुष इसके शुरुआती चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं।
आइए, मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) और ऑस्ट्रेलिया के यूरोलॉजिस्ट डॉ. चार्ल्स शबर (Dr. Charles Shabar) के अनुसार इसके खतरनाक लक्षणों के बारे में जानते हैं।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, अधिकतर मामलों में शुरुआती स्टेज में प्रोस्टेट कैंसर का पता नहीं चल पाता है। इसका मतलब है कि शुरुआत में ऐसे कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते जिनसे यह पुष्टि हो सके कि यह प्रोस्टेट कैंसर ही है। फिर भी, प्रोस्टेट कैंसर के कुछ संभावित लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:
यूरोलॉजिस्ट डॉ. शबर के अनुसार, प्रोस्टेट कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती दौर में इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। यह कैंसर अक्सर प्रोस्टेट के बाहरी हिस्से (shell) में विकसित होता है। इसलिए, जब तक यह आकार में काफी बड़ा होकर अंदर की यूरिनरी ट्रैक्ट (मूत्र नली) पर दबाव नहीं डालता, तब तक मरीज को कोई शारीरिक समस्या महसूस नहीं होती।
डॉ. शबर स्पष्ट करते हैं कि आज के समय में ज़्यादातर मरीज बिना किसी यूरिनरी लक्षण के क्लिनिक आते हैं। इसलिए, प्रोस्टेट कैंसर को शुरुआती चरण में पकड़ने का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका पीएसए (PSA) ब्लड टेस्ट है। सही उम्र में इस टेस्ट और सामान्य जांच के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेना बेहद महत्वपूर्ण है।